तमिलनाडु में अमोनिया गैस रिसाव से 7 मजदूरों की मौत, मुख्यमंत्री विजय ने जांच के आदेश दिए
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर में सीफूड फैक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव से सात मजदूरों की मौत हुई। 67 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं और मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में स्थित पेरियापालयम के निकट मंजंगरनई क्षेत्र के एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण (सीफूड प्रोसेसिंग) कारखाने में अमोनिया गैस रिसाव की दर्दनाक घटना में सात श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि 67 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। घटना के बाद राज्य सरकार और राहत एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन सरकार की ओर से मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, गैस रिसाव के बाद प्रभावित कर्मचारियों को तत्काल अस्पतालों में भर्ती कराया गया। तिरुवल्लूर की जिला कलेक्टर एस. कविता ने बताया कि 67 प्रभावित श्रमिकों को विभिन्न चिकित्सा केंद्रों में पहुंचाया गया। इनमें से 46 लोगों का इलाज वेल्स अस्पताल में और 21 लोगों का इलाज वेंकटेश्वर अस्पताल में चल रहा है। गंभीर रूप से बीमार नौ मरीजों को एंबुलेंस के जरिए चेन्नई के सरकारी स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।
घटना की सूचना मिलते ही अरक्कोनम स्थित राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की चौथी बटालियन को सतर्क किया गया। वरिष्ठ कमांडेंट अखिलेश कुमार के निर्देश पर रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु (सीबीआरएन) बचाव कार्यों में विशेषज्ञ 30 सदस्यीय टीम चेन्नई से घटनास्थल पहुंची। टीम आवश्यक पीपीई किट, गैस डिटेक्शन उपकरण और विशेष बचाव संसाधनों से लैस थी।
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एक निजी अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि भर्ती किए गए 44 मरीजों में 43 महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। इनमें 15 से 16 मरीजों को इंट्यूबेट किया गया है तथा 11 मरीज वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। अधिकांश प्रभावित कर्मचारी 24 से 25 वर्ष आयु की युवा महिलाएं हैं।
तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। प्रशासन ने वाल्व फेल होने के कारणों और सुरक्षा मानकों में संभावित लापरवाही की जांच शुरू कर दी है।
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