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ट्रंप टैरिफ की आशंकाओं के बीच तमिलनाडु की चेतावनी: 30 लाख नौकरियां खतरे में

तमिलनाडु ने प्री-बजट बैठक में चेताया कि अमेरिकी टैरिफ और केंद्र-राज्य वित्तीय विवादों के कारण 30 लाख नौकरियां खतरे में हैं और राज्य की उधारी क्षमता प्रभावित हो रही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से संभावित टैरिफ बढ़ोतरी को लेकर वैश्विक व्यापार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच तमिलनाडु सरकार ने गंभीर चेतावनी दी है। राज्य सरकार का कहना है कि यदि बाहरी व्यापार झटकों और केंद्र-राज्य वित्तीय मुद्दों का समाधान नहीं किया गया, तो राज्य में करीब 30 लाख नौकरियों पर खतरा मंडरा सकता है।

भारत की वार्षिक प्री-बजट परामर्श बैठक के दौरान तमिलनाडु ने केंद्र सरकार के सामने अपनी विस्तृत वित्तीय चिंताएं रखीं। यह बैठक केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई। राज्य ने आरोप लगाया कि परियोजनाओं के लिए धन जारी करने में लगातार देरी हो रही है, जीएसटी लागू होने के बाद राजस्व में अपेक्षित वृद्धि नहीं हो पाई है और अमेरिका जैसे देशों की हालिया टैरिफ नीतियों से राज्य की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

तमिलनाडु के वित्त मंत्री थंगम थेन्नारसु ने बैठक में कहा कि केंद्र और राज्य के बीच लंबित लेखांकन (अकाउंटिंग) से जुड़े मुद्दे राज्य के वित्तीय संकेतकों को बिगाड़ रहे हैं। इससे राज्य की उधार लेने की क्षमता सीमित हो रही है, जो विकास कार्यों और रोजगार सृजन पर प्रतिकूल असर डाल सकती है।

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उन्होंने बताया कि तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था निर्यात पर काफी हद तक निर्भर है और अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में टैरिफ बढ़ने से कपड़ा, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य निर्यात-आधारित उद्योगों को झटका लग सकता है। इसका सीधा असर रोजगार पर पड़ेगा।

राज्य सरकार ने केंद्र से आग्रह किया कि वह केंद्र-राज्य वित्तीय विवादों को जल्द सुलझाए, लंबित परियोजना फंड जारी करे और वैश्विक व्यापार जोखिमों से निपटने के लिए राज्यों को अधिक लचीलापन प्रदान करे, ताकि आर्थिक स्थिरता और रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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