तमिलनाडु में दोहरे हत्याकांड के बाद कानून-व्यवस्था पर घिरी टीवीके सरकार, अन्नामलाई ने विजय पर साधा निशाना
तमिलनाडु में दोहरे हत्याकांड के बाद कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे। अन्नामलाई और विपक्ष ने विजय सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि सीएम ने त्वरित न्याय का उदाहरण दिया।
तमिलनाडु में हाल ही में दो दिल दहला देने वाली घटनाओं—मदुरै के मीनाक्षी मंदिर के पास 17 वर्षीय लड़के की हत्या और कोयंबटूर में 10 वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या—के बाद राज्य की नई टीवीके सरकार (तमिलगा वेट्री कज़गम) पर कानून-व्यवस्था को लेकर तीखी राजनीतिक बहस छिड़ गई है। इन घटनाओं ने पूरे राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया है।
विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि चुनाव जीतने के बाद सरकार अभी भी “जश्न के मूड” में है, जबकि अपराधी बेखौफ होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने कहा कि सरकार गंभीर अपराधों पर तत्काल कार्रवाई करने में विफल रही है और अपराधियों में कानून का डर खत्म होता दिख रहा है। उन्होंने इसे महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।
वहीं, विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि क्या तमिलनाडु उत्तर प्रदेश जैसा बनता जा रहा है, जिसे अक्सर राजनीतिक बहस में कानून-व्यवस्था के संदर्भ में उदाहरण के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
और पढ़ें: अवैध घुसपैठ से जनसांख्यिकीय बदलाव पर केंद्र सख्त, जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित
मुख्यमंत्री विजय ने आलोचनाओं के बीच एक पॉक्सो मामले का तेजी से निपटारा होने का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए गंभीर है और त्वरित न्याय सुनिश्चित कर रही है।
और पढ़ें: क्वाड का इंडो-पैसिफिक में आतंकवाद और दबाव की राजनीति पर कड़ा संदेश, पहलगाम आतंकी हमले की निंदा