×
 

तमिलनाडु में महिला सरकारी कर्मचारियों को तीसरे बच्चे के लिए भी मिलेगी एक साल की मातृत्व छुट्टी

तमिलनाडु सरकार ने महिला सरकारी कर्मचारियों के तीसरे बच्चे के जन्म पर मातृत्व अवकाश 12 सप्ताह से बढ़ाकर 365 दिन करने की घोषणा की है।

तमिलनाडु सरकार ने मंगलवार (18 अगस्त) को घोषणा की कि महिला सरकारी कर्मचारियों को तीसरे बच्चे के जन्म पर मिलने वाली मातृत्व छुट्टी 12 सप्ताह से बढ़ाकर 365 दिन की जाएगी। संशोधित प्रावधान के बाद तीसरे बच्चे के लिए मिलने वाली छुट्टी भी पहले दो बच्चों के लिए वर्तमान में दी जा रही 365 दिन की छुट्टी के बराबर हो जाएगी।

फिलहाल, दो से कम जीवित बच्चों वाली विवाहित महिला सरकारी कर्मचारियों को 365 दिन की मातृत्व छुट्टी मिलती है, जबकि दो या उससे अधिक जीवित बच्चों वाली कर्मचारियों को अधिकतम 12 सप्ताह की छुट्टी मिलती है।

तीसरे बच्चे के लिए एक साल की मातृत्व छुट्टी

राज्य विधानसभा में अपने विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान मानव संसाधन प्रबंधन मंत्री डी. सरथकुमार ने घोषणा की कि महिला सरकारी कर्मचारियों के तीसरे बच्चे के जन्म पर मातृत्व छुट्टी 12 सप्ताह से बढ़ाकर 365 दिन की जाएगी।

और पढ़ें: लखनऊ मेले में झूला टूटने से दो किशोरियां घायल, हादसे के बाद संचालक फरार

सरथकुमार ने कहा कि तमिलनाडु सरकार कल्याणकारी प्रशासन है और सामाजिक कल्याण तथा महिला सशक्तीकरण को प्राथमिकता देती है। इसलिए महिला सरकारी कर्मचारियों के तीसरे बच्चे के लिए वर्तमान में दी जा रही मातृत्व छुट्टी को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 365 दिन किया जाएगा।

मातृत्व छुट्टी पहले 90 दिन थी। वर्ष 2011 में इसे बढ़ाकर छह महीने, 2016 में नौ महीने और जुलाई 2021 में एक वर्ष यानी 365 दिन किया गया था। उस समय राज्य में अलग-अलग चरणों में अन्नाद्रमुक और द्रमुक की सरकारें सत्ता में थीं।

सरकारी सूत्र के अनुसार, मौजूदा पात्रता व्यवस्था में 365 दिन की मातृत्व छुट्टी का लाभ उन नियमित महिला सरकारी कर्मचारियों को मिलता है, जिनके दो से कम जीवित बच्चे हैं।

हालांकि, उच्चतम न्यायालय के निर्देशों और इसके बाद राज्य सरकार द्वारा किए गए संशोधनों के अनुसार, दो या उससे अधिक जीवित बच्चों वाली महिला सरकारी कर्मचारियों को अभी भी पूर्ण वेतन के साथ 12 सप्ताह यानी 84 दिन की मातृत्व छुट्टी का अधिकार है।

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि विधानसभा में की गई घोषणा को औपचारिक रूप से लागू करने के लिए जल्द ही विस्तृत सरकारी आदेश जारी किया जाएगा।

तमिलनाडु में राज्य गीत को पहला गीत बनाना अनिवार्य

इससे पहले 12 अगस्त को तमिलनाडु सरकार ने राज्य के आधिकारिक गीत ‘तमिल थाई वाज्थु’ को सरकारी कार्यक्रमों और आधिकारिक आयोजनों में सबसे पहले गाया जाना अनिवार्य कर दिया था। यह निर्देश शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और अन्य सार्वजनिक संगठनों में होने वाले कार्यक्रमों पर लागू है।

यह आदेश 10 अगस्त को तमिलनाडु विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव के कुछ दिन बाद आया। प्रस्ताव में किसी भी सरकारी कार्यक्रम की शुरुआत में राज्य गीत को सबसे पहले गाना अनिवार्य किया गया था।

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश करते हुए कहा था कि तमिलनाडु में राज्य गीत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इस कदम को सरकारी कार्यक्रमों में गीतों के क्रम में सबसे पहले ‘वंदे मातरम्’ बजाने के केंद्र के निर्देश को चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

और पढ़ें: NEET विवाद के बाद एनटीए में बड़ा बदलाव, चार स्तरीय पेपर जांच और सीआईएसएफ सुरक्षा

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share