तेजस्वी यादव और आरजेडी कार्यकर्ता हिरासत में, बोले- युवाओं से डर रही बिहार सरकार
पटना में छात्रों, बेरोजगारी और पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे तेजस्वी यादव और आरजेडी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। तेजस्वी ने संघर्ष जारी रखने की बात कही।
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव को बुधवार को पटना में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनके साथ आरजेडी सांसद मीसा भारती समेत कई पार्टी कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया। यह प्रदर्शन छात्रों की समस्याओं, बेरोजगारी, कथित पेपर लीक और परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर लोक भवन की ओर निकाला गया था।
हिरासत में लिए जाने के बाद तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार युवाओं से डर रही है। उन्होंने कहा कि आरजेडी छात्रों के अधिकार, रोजगार और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था के मुद्दे लगातार उठाती रहेगी। तेजस्वी ने कहा कि कोई भी सरकार स्थायी नहीं होती और हर सरकार को एक दिन जाना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि वह जेल जाने से नहीं डरते और छात्रों के अधिकारों के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा ने तेजस्वी यादव की हिरासत की पुष्टि की। प्रदर्शनकारियों ने विभिन्न जिलों में पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। विशेष रूप से सिवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी द्वारा कथित तौर पर एके-47 राइफल के इस्तेमाल का मामला उठाया गया।
और पढ़ें: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार से की मुलाकात, विकास कार्यों की दी जानकारी
प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव और उनके समर्थक तिरंगा लहराते नजर आए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथों में एके-47 राइफल की प्रतिकृतियां भी थीं।
आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि मार्च का उद्देश्य छात्रों से जुड़े मुद्दों को बिहार के राज्यपाल के सामने रखना है। वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने प्रदर्शन को तेजस्वी यादव के राजनीतिक हितों से जोड़ते हुए इसकी आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक रोकने के लिए बिहार सरकार पहले ही कड़े प्रावधान कर चुकी है।
और पढ़ें: बांकीपुर के 10 हजार युवाओं को नौकरी दिलाने का प्रशांत किशोर का वादा, मांगा बायोडाटा