एसआईआर के नाम पर हैदराबाद में करीब 40 लाख वोट हटाए गए: तेलंगाना के मंत्री ने बीजेपी पर साधा निशाना
तेलंगाना के मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने एसआईआर को लेकर बीजेपी पर गलत प्रचार का आरोप लगाया और हैदराबाद में करीब 40 लाख वोट हटाए जाने के दावे पर रामचंदर राव से जवाब मांगा।
तेलंगाना के मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर गलत प्रचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि हैदराबाद में एसआईआर के नाम पर करीब 40 लाख वोट हटाए गए हैं। प्रभाकर ने तेलंगाना बीजेपी अध्यक्ष रामचंदर राव को चुनौती दी कि वे मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाए जाने से जुड़ी चिंताओं पर जवाब दें।
मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी एसआईआर को लेकर भ्रामक अभियान चला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बदलाव और वोट हटाए जाने के मुद्दे पर बीजेपी का रुख सवालों के घेरे में है। उन्होंने रामचंदर राव से इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने को कहा।
विशेष गहन पुनरीक्षण चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची की समीक्षा करने की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और उसमें मौजूद गलतियों को दूर करना होता है। हालांकि, इस प्रक्रिया के दौरान नाम हटाए जाने या मतदाताओं के विवरण में बदलाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच विवाद भी सामने आते रहे हैं।
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प्रभाकर के बयान से तेलंगाना में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं। उन्होंने बीजेपी के अभियान पर सवाल उठाते हुए कथित तौर पर हटाए गए मतदाताओं के मुद्दे पर जवाबदेही की मांग की।
हालांकि, उपलब्ध विवरण में हैदराबाद में करीब 40 लाख वोट हटाए जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि करने वाले आंकड़े या चुनाव अधिकारियों की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। इसलिए इस संख्या और कथित कार्रवाई की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए आधिकारिक मतदाता सूची के आंकड़ों तथा संबंधित अधिकारियों के बयान की जरूरत होगी।
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