तेजपुर विश्वविद्यालय के कुलपति को विरोध प्रदर्शन के बीच अवकाश पर भेजा गया, जांच समिति गठित
तेजपुर विश्वविद्यालय में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच शिक्षा मंत्रालय ने कुलपति शंभु नाथ सिंह को अवकाश पर भेजकर तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है।
शिक्षा मंत्रालय (MoE) ने तेजपुर विश्वविद्यालय के कुलपति शंभु नाथ सिंह को तत्काल प्रभाव से अवकाश पर भेजने का आदेश दिया है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एक जांच समिति गठित की है। अधिकारियों के अनुसार, विश्वविद्यालय में पिछले कई महीनों से चल रहे विरोध प्रदर्शनों और गंभीर आरोपों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
तेजपुर विश्वविद्यालय में मध्य सितंबर से ही आंदोलन जारी है। छात्र और अन्य प्रदर्शनकारी कुलपति पर कथित अनियमितताओं के आरोप लगा रहे हैं। आंदोलन के 100 दिन पूरे होने पर सोमवार (29 दिसंबर 2025) को प्रदर्शनकारियों ने 24 घंटे का भूख हड़ताल भी की थी।
शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है, जो विश्वविद्यालय में मौजूदा हालात से जुड़े सभी मामलों और कुलपति पर लगे आरोपों की विस्तृत जांच करेगी। आदेश के अनुसार, कुलपति शंभु नाथ सिंह को अपने सभी प्रशासनिक दायित्वों से अलग रहना होगा और जांच पूरी होने तक अवकाश पर रहना होगा। जांच समिति को अधिकतम तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
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इसी बीच मंत्रालय ने आईआईटी गुवाहाटी के डिजाइन विभाग से जुड़े अमरेंद्र कुमार दास को तेजपुर विश्वविद्यालय का प्रो-वाइस चांसलर (प्रो-वीसी) नियुक्त किया है, ताकि विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चलते रहें।
विश्वविद्यालय में हालात तब और तनावपूर्ण हो गए थे, जब छात्रों ने कुलपति और प्रशासन पर सांस्कृतिक आइकन जुबिन गर्ग के प्रति सम्मान न दिखाने का आरोप लगाया। यह आरोप ऐसे समय लगे, जब पूरा राज्य प्रसिद्ध गायक के निधन पर शोक मना रहा था।
इसके अलावा, कुलपति के कार्यकाल में कथित वित्तीय अनियमितताओं, वनों की कटाई और पर्यावरणीय क्षति के भी आरोप सामने आए हैं। 22 सितंबर को छात्रों और कुलपति के बीच तीखी नोकझोंक के बाद हालात इतने बिगड़ गए कि उन्हें लगभग परिसर छोड़ना पड़ा। आंदोलन शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 11 फैकल्टी सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं।
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