शशि थरूर ने UPI की वैश्विक सफलता की सराहना की, बोले- भारत बना टेक्नो-डिप्लोमैटिक लीडर
शशि थरूर ने यूपीआई की वैश्विक सफलता को भारत की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इससे भारत तकनीकी और कूटनीतिक स्तर पर दुनिया में मजबूत नेतृत्व कर रहा है।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारत के डिजिटल भुगतान सिस्टम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की वैश्विक सफलता की सराहना करते हुए कहा कि इससे भारत एक “टेक्नो-डिप्लोमैटिक लीडर” बनकर उभरा है। वे नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनियों (नासकॉम) द्वारा आयोजित ‘ग्लोबल कॉन्फ्लुएंस 2026’ में बोल रहे थे।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार, यूपीआई दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला रियल-टाइम डिजिटल भुगतान सिस्टम बन चुका है और यह वैश्विक इंस्टेंट ट्रांजैक्शन्स का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा संभाल रहा है।
थरूर ने बताया कि यूपीआई अब 19 देशों में अपनाया जा चुका है और इससे भारत अपनी तकनीकी क्षमता के जरिए वैश्विक प्रभाव बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा, “यूपीआई के जरिए हमने अपनी तकनीक को दुनिया के सामने पेश कर एक नई पहचान बनाई है।”
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फ्रांस, यूएई, सिंगापुर, नेपाल, भूटान, मॉरीशस, श्रीलंका और कतर जैसे देशों में यूपीआई के जरिए भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। इससे भारतीय यात्री विदेशों में भी आसानी से क्यूआर कोड स्कैन कर बिना अतिरिक्त शुल्क के सुरक्षित लेनदेन कर सकते हैं।
थरूर ने कहा कि यूपीआई की गति और सरलता अमेरिका जैसे देशों की प्रणालियों से भी बेहतर है, जिससे भारत की तकनीकी छवि में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज एक चायवाले के क्यूआर कोड तक दुनिया का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
यूपीआई की शुरुआत 2016 में नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने की थी। यह सिस्टम उपयोगकर्ताओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर कई बैंक खातों को जोड़ने और सिर्फ यूपीआई आईडी के जरिए तुरंत पैसे भेजने की सुविधा देता है।
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