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अखिलेश यादव को बड़ा झटका, सपा के तीन बागी विधायक भाजपा में शामिल

समाजवादी पार्टी के तीन बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी भाजपा में शामिल हो गए। इससे अखिलेश यादव को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है।

समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव को बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को बड़ा राजनीतिक झटका लगा। सपा के तीन बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। तीनों विधायकों ने वर्ष 2022 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव सपा के टिकट पर जीता था, लेकिन वर्ष 2024 के राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया था।

राकेश प्रताप सिंह अमेठी जिले की गौरीगंज विधानसभा सीट, अभय सिंह अयोध्या जिले की गोसाईगंज सीट और विनोद चतुर्वेदी जालौन जिले की कालपी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके भाजपा में शामिल होने को अखिलेश यादव के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

कौन हैं राकेश प्रताप सिंह?

राकेश प्रताप सिंह ने 2012, 2017 और 2022 में लगातार तीन बार गौरीगंज विधानसभा सीट से सपा के टिकट पर जीत दर्ज की। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार चंद्र प्रकाश मिश्रा मटियारी को 6,963 मतों से हराया था। हालांकि, 2024 के राज्यसभा चुनाव में उन्होंने पार्टी से बगावत करते हुए भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया।

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राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि 14 अक्टूबर 2026 उनके राजनीतिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण और भावनात्मक दिन है। उन्होंने भाजपा की सदस्यता को अपनी आस्था, मूल्यों और सिद्धांतों के अनुरूप सनातन की रक्षा के लिए नई राजनीतिक यात्रा की शुरुआत बताया।

अभय सिंह का राजनीतिक सफर

अयोध्या जिले की गोसाईगंज सीट से विधायक अभय सिंह सपा के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने 2012 और 2022 में इस सीट पर जीत हासिल की थी। वर्ष 2017 में उन्हें भाजपा उम्मीदवार इंद्र प्रताप उर्फ खब्बू तिवारी से हार का सामना करना पड़ा था। वर्ष 2022 में अभय सिंह ने भाजपा उम्मीदवार आरती तिवारी को 13,079 मतों से हराया।

विनोद चतुर्वेदी कौन हैं?

जालौन जिले की कालपी सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी ने 2022 में सपा के टिकट पर चुनाव जीता था। उन्होंने निषाद पार्टी के उम्मीदवार छोटे सिंह को 2,816 मतों से हराया था। इससे पहले वह जालौन जिले की उरई विधानसभा सीट से 2007 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे।

तीनों विधायकों के भाजपा में शामिल होने से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा और भाजपा के बीच राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।

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