तिरुपति लड्डू विवाद: सीबीआई चार्जशीट में खुलासा, मिलावटी घी आपूर्तिकर्ता की प्रॉक्सी ने 2019 में भी TTD को सप्लाई की
सीबीआई चार्जशीट में खुलासा हुआ कि तिरुपति लड्डू में इस्तेमाल होने वाला मिलावटी घी 2019 में भी TTD को सप्लाई किया गया था, जिसमें प्रॉक्सी डेयरियों और अधिकारियों की मिलीभगत थी।
तिरुपति लड्डू में इस्तेमाल होने वाले घी में मिलावट के बहुचर्चित मामले में सीबीआई के नेतृत्व वाली एसआईटी की चार्जशीट से कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनसे राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। जांच में यह खुलासा हुआ है कि मिलावटी घी की आपूर्ति केवल हाल के वर्षों तक सीमित नहीं थी, बल्कि फरवरी 2019 में भी तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को मिलावटी घी सप्लाई किया गया था।
चार्जशीट के अनुसार, उत्तराखंड स्थित हर्ष फ्रेश डेयरी, जो कि भोल बाबा डेयरी की प्रॉक्सी कंपनी थी और मामले में आरोपी है, ने फरवरी 2019 में TTD को घी की आपूर्ति की थी। यह वह समय था जब राज्य में टीडीपी-नेतृत्व वाली एनडीए सरकार सत्ता में थी। कंपनी ने ₹291 प्रति किलो की दर से घी आपूर्ति की पेशकश कर सबसे कम बोलीदाता (L1) का दर्जा हासिल किया और फरवरी 2019 में उसे टिनों में घी सप्लाई करने का पहला ठेका मिला।
हालांकि ठेका 82,000 किलोग्राम घी की आपूर्ति का था, लेकिन सीबीआई का आरोप है कि उस दौरान पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल और रसायनों का मिश्रण सप्लाई किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि हर्ष फ्रेश डेयरी ने TTD के खरीद विभाग के निचले स्तर के कर्मचारियों और बाहरी डेयरी विशेषज्ञों के साथ मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज और निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कीं।
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सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित प्रीमियर एग्री फूड्स पर भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं, जो 2013 से TTD को घी सप्लाई कर रही थी। टीटीडी के पूर्व चेयरमैन और वाईएसआरसीपी जिला अध्यक्ष भूमना करुणाकर रेड्डी का कहना है कि सीबीआई रिपोर्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया है कि मिलावटी घी की आपूर्ति केवल वाईएसआरसीपी शासन के दौरान शुरू हुई थी।
चार्जशीट में यह भी उल्लेख है कि 2023 में खरीद नियम कड़े किए जाने के बावजूद, प्रॉक्सी कंपनियों ने विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से आपूर्ति जारी रखी। जुलाई-अगस्त 2024 में एनडीडीबी द्वारा मिलावटी पाए गए चार टैंकर घी भी इन्हीं प्रॉक्सी डेयरियों के जरिए TTD तक पहुंचे।
TTD ट्रस्ट बोर्ड सदस्य जी. भानुप्रकाश रेड्डी ने लड्डू निर्माण में लगे कर्मचारियों की शिकायतों और हवाला लेन-देन की जांच को और गहराई तक ले जाने की मांग की है। उनका कहना है कि अब इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय को भी जांच में उतरना चाहिए।
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