तृणमूल कांग्रेस का आरोप: चुनाव आयोग पर AITC नेताओं और परिवारों को निशाना बनाने के निर्देश देने का दावा
तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर AITC नेताओं और उनके परिवारों के वाहनों की तलाशी और निशाना बनाने के निर्देश पुलिस को देने का आरोप लगाया है।
अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस ने मंगलवार को भारत निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि आयोग ने पुलिस और अन्य सुरक्षा कर्मियों को तृणमूल कांग्रेस के नेताओं तथा उनके परिवार के सदस्यों के वाहनों को रोकने और उनकी तलाशी लेने के निर्देश जारी किए हैं।
पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है और इसका उद्देश्य विपक्षी नेताओं को परेशान करना है। तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने के बजाय कुछ एजेंसियों का इस्तेमाल सत्ताधारी पक्ष के हित में किया जा रहा है।
पार्टी के अनुसार, यह कथित निर्देश ऐसे समय में सामने आए हैं जब राज्य में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हैं और विभिन्न दल आगामी चुनावों की तैयारी में जुटे हुए हैं। तृणमूल कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
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पार्टी नेताओं ने यह भी कहा कि यदि इस तरह की कार्रवाइयाँ जारी रहीं तो जनता के बीच चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठेंगे। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि केवल AITC नेताओं को ही विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है, जबकि अन्य राजनीतिक दलों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं हो रही है।
हालांकि, चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था और चुनावी निगरानी के तहत सामान्य जांच प्रक्रियाएं लागू की जाती हैं, जिनका उद्देश्य निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करना होता है।
इस विवाद ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है, जहां विपक्ष और सत्ताधारी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।