बीजेपी और EC ने भारतीय लोकतंत्र को बनाया क्रूर मज़ाक: TMC ने SIR विवाद पर की तीखी टिप्पणी
TMC ने बीजेपी और EC पर SIR विवाद में वास्तविक मतदाताओं को हटाने और चुनाव प्रभावित करने का आरोप लगाया, इसे लोकतंत्र के साथ क्रूर मज़ाक बताया।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और निर्वाचन आयोग (ईसी) पर पश्चिम बंगाल की प्रमुख विपक्षी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने तीखी टिप्पणियाँ की हैं। टीएमसी ने आरोप लगाया कि बीजेपी और ईसी "चयनात्मक तरीके से असली मतदाताओं को निशाना बना रहे हैं और उन्हें हटाया जा रहा है," ताकि आगामी चुनाव परिणामों को अपने पक्ष में प्रभावित किया जा सके। पार्टी ने इसे एक "बेहद शर्मनाक प्रयास" और लोकतंत्र के साथ "क्रूर मज़ाक" करार दिया।
टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि SIR (Special Identification Registry) विवाद के जरिए बीजेपी राज्य में चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कार्रवाई केवल विपक्षी मतदाताओं को निशाना बनाने और उनकी भागीदारी को रोकने के उद्देश्य से की जा रही है। पार्टी का दावा है कि इस तरह की कार्रवाइयाँ भारतीय लोकतंत्र की मूल अवधारणा के खिलाफ हैं और जनता की आवाज़ को दबाने का प्रयास है।
टीएमसी ने यह भी चेतावनी दी कि यदि इस तरह की "निष्पक्षता-हीन और चयनात्मक" रणनीति जारी रही, तो वे इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उजागर करेंगे। पार्टी ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए कि किस आधार पर वास्तविक मतदाताओं को हटाया जा रहा है और क्या यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है।
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राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, SIR विवाद ने चुनावी राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। इस विवाद के चलते पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव में मतदाता जागरूकता और चुनावी निष्पक्षता पर तीव्र बहस छिड़ गई है।
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