×
 

RG Kar कांड से लेकर युवाओं की नाराजगी तक: बंगाल में टीएमसी की हार के प्रमुख कारण

पश्चिम बंगाल में टीएमसी की हार के पीछे RG Kar कांड, युवाओं की नाराजगी, भ्रष्टाचार और भाजपा की रणनीति अहम रही। इन कारणों ने चुनावी नतीजों को प्रभावित किया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की ऐतिहासिक हार के पीछे कई अहम कारण सामने आए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ जनता में बढ़ती नाराजगी इस हार का मुख्य कारण बनी।

विशेष रूप से RG Kar रेप-मर्डर कांड को इस चुनाव में निर्णायक मुद्दा माना जा रहा है। इस घटना के बाद सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे, जिससे महिलाओं और युवाओं में असंतोष बढ़ा। इस मुद्दे ने बड़े स्तर पर मतदाताओं को प्रभावित किया और टीएमसी के खिलाफ माहौल तैयार किया।

इसके अलावा, युवाओं—खासकर जेन-ज़ेड और जेन-एक्स—में बेरोजगारी, स्थानीय स्तर पर कथित गुंडागर्दी और “कट-मनी” जैसी शिकायतों को लेकर असंतोष बढ़ता गया। वहीं पार्थ चटर्जी से जुड़े भ्रष्टाचार मामलों ने भी टीएमसी की छवि को नुकसान पहुंचाया।

और पढ़ें: कूचबिहार में टीएमसी नेता बिशु धर पर कथित हमला, भाजपा कार्यकर्ताओं पर आरोप

दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह जैसे नेताओं के नेतृत्व में आक्रामक चुनाव प्रचार किया। भाजपा ने बांग्लादेश से घुसपैठ और तुष्टिकरण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश की।

भाजपा द्वारा पीड़िता की मां रत्ना देबनाथ को पनिहाटी सीट से उम्मीदवार बनाना भी एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, जिसने टीएमसी को और कमजोर किया।

वहीं ममता बनर्जी ने चुनाव के दौरान भाजपा को “बाहरी” बताने की रणनीति अपनाई, लेकिन यह मतदाताओं को ज्यादा प्रभावित नहीं कर सकी। भारत निर्वाचन आयोग के रुझानों के अनुसार भाजपा 190 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि टीएमसी काफी पीछे रह गई है।

हालांकि ममता बनर्जी ने हार स्वीकार नहीं की है और पार्टी कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने व उम्मीद बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अंतिम परिणाम तक इंतजार करना चाहिए।

और पढ़ें: गिनती से पहले नेताजी इंडोर स्टेडियम के स्ट्रॉन्ग रूम का CRPF ने निरीक्षण किया, TMC ने आरोप लगाए

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share