TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दिया, ममता बनर्जी को बड़ा झटका
टीएमसी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। हाल ही में उन्हें संसदीय दल के मुख्य सचेतक पद से हटाया गया था।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। इसे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी नेतृत्व के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
बारासात से लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने महिला तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष सहित पार्टी में अपने सभी महत्वपूर्ण पद छोड़ दिए हैं। हाल के दिनों में उन्होंने सार्वजनिक रूप से पार्टी नेतृत्व के प्रति नाराजगी जाहिर की थी।
उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब हाल ही में ममता बनर्जी ने उन्हें टीएमसी संसदीय दल के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) पद से हटा दिया। उनकी जगह वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई।
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के भीतर बढ़ती असंतुष्टि अब खुलकर सामने आने लगी है। काकोली घोष दस्तीदार का यह कदम टीएमसी के अंदरूनी मतभेदों को और उजागर करता है।
इससे पहले काकोली घोष दस्तीदार ने छह विधायकों के साथ पश्चिम बंगाल सरकार की प्रशासनिक समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया था। यह बैठक कल्याणी में आयोजित हुई थी।
बैठक में देगंगा से टीएमसी विधायक अनीसुर रहमान विश्वास, स्वरूपनगर की विधायक बीना मंडल, हरोआ के विधायक मोहम्मद अब्दुल मतीन सहित बसीरहाट क्षेत्र के अन्य विधायक भी मौजूद थे।
हालांकि, काकोली घोष दस्तीदार ने अपने इस्तीफे के पीछे की विस्तृत वजहों पर अभी सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। वहीं टीएमसी नेतृत्व की ओर से भी इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में दल-बदल और अंदरूनी असंतोष की चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं।
काकोली घोष दस्तीदार लंबे समय से टीएमसी का प्रमुख चेहरा रही हैं और पार्टी संगठन में उनकी अहम भूमिका मानी जाती थी। ऐसे में उनका इस्तीफा टीएमसी के लिए राजनीतिक और संगठनात्मक दोनों स्तरों पर चुनौती बन सकता है।
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