पश्चिम बंगाल में टीएमसी में बड़ी टूट: रितब्रत बनर्जी गुट ने बनाई नई समिति, अभिषेक बनर्जी निलंबित
पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भीतर गहरी फूट सामने आई। रितब्रत बनर्जी गुट ने नई समिति बनाकर अभिषेक बनर्जी को निलंबित करने का दावा किया, जिससे राजनीतिक संकट बढ़ा।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। विपक्ष के नेता रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले एक गुट ने सोमवार को दावा किया कि उन्होंने “असली टीएमसी” के नाम से एक नई समिति का गठन किया है और पार्टी के दूसरे सबसे बड़े नेता अभिषेक बनर्जी को निलंबित कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, कोलकाता के न्यू टाउन स्थित एक होटल में हुई एक बंद कमरे की बैठक में 11 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारी समिति का गठन किया गया। इस नई समिति का अध्यक्ष पूर्व मंत्री और विधायक अरूप रॉय को बनाया गया है। वहीं, फिरहाद हकीम, अरोप बिस्वास, रथिन घोष और सबीना यासमीन को उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। रितब्रत बनर्जी, बिप्लब, जावेद अहमद खान और संदीपन साहा को महासचिव बनाया गया है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि बैठक में अभिषेक बनर्जी को पार्टी से निलंबित करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इस कदम को पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के नेतृत्व के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
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बैठक में करीब 60 से 70 पूर्व और वर्तमान पार्षद शामिल हुए। इसमें कोलकाता नगर निगम के कई पार्षद और वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। हालांकि, इस बैठक में ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की तस्वीरें मंच पर नहीं लगाई गईं, जबकि महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर और डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीरें मौजूद थीं।
रिबेल गुट का दावा है कि यह बैठक संगठन में “संवैधानिक संकट” को दूर करने के लिए बुलाई गई थी। रितब्रत बनर्जी ने कहा कि पार्टी संविधान के अनुसार हर तीन साल में राष्ट्रीय कार्यसमिति का गठन होना चाहिए था, लेकिन 2022 के बाद इसे पुनर्गठित नहीं किया गया।
टीएमसी में यह विवाद उस समय और गहरा गया जब पार्टी पहले से ही विधानसभा चुनावों के बाद आंतरिक टूट और असंतोष का सामना कर रही थी।
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