टीएमसी में टूट पर जल्द फैसला? दोनों गुटों की सुनवाई करेंगे स्पीकर, 19 जून को अभिषेक बनर्जी को बुलावा
टीएमसी में कथित विभाजन को लेकर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला दोनों गुटों की सुनवाई करेंगे। अभिषेक बनर्जी को 19 जून को बुलाया गया है। फैसला मानसून सत्र से पहले संभव है।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में कथित टूट को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी को 19 जून को बैठक के लिए आमंत्रित किया है, ताकि पार्टी में विभाजन से जुड़े विवाद पर उनका पक्ष सुना जा सके। सूत्रों के अनुसार, अध्यक्ष दोनों गुटों की दलीलें सुनने के बाद ही अंतिम फैसला लेंगे।
यह विवाद तब सामने आया जब टीएमसी के करीब 20 सांसदों के एक समूह ने राष्ट्रवादी नागरिक पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय का दावा करते हुए खुद को अलग संसदीय समूह के रूप में मान्यता देने की मांग की। बताया जा रहा है कि यह गुट भविष्य में खुद को “असली टीएमसी” के रूप में मान्यता दिलाने की भी कोशिश करेगा।
सूत्रों के मुताबिक, बागी सांसद पहले ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अपना पक्ष रख चुके हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने भी अध्यक्ष से समय मांगकर अपना पक्ष रखने की इच्छा जताई थी।
टीएमसी सूत्रों के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 2 बजे लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय की ओर से अभिषेक बनर्जी को ईमेल भेजा गया था। इसमें उन्हें उसी दिन शाम 4 बजे स्पीकर से मिलने का अनुरोध किया गया था। हालांकि उस समय अभिषेक बनर्जी कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की पूछताछ में शामिल थे।
इसके बाद टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने स्पीकर कार्यालय को बताया कि अभिषेक जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं। बाद में कीर्ति आजाद ने स्वयं ओम बिरला से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी दी।
बताया जा रहा है कि ईडी की पूछताछ समाप्त होने के बाद अभिषेक बनर्जी देर रात अपने निवास लौटे। इस मामले में कानूनी राय भी ली जाएगी ताकि स्पीकर का फैसला न्यायिक जांच में टिक सके। माना जा रहा है कि संसद के मानसून सत्र से पहले इस विवाद पर निर्णय लिया जा सकता है। बागी गुट का नेतृत्व सांसद काकोली घोष दस्तिदार कर रही हैं और उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को समर्थन देने के संकेत भी दिए हैं।