ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने जापानी जोड़ी को हराकर विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह
ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने जापान की सातवीं वरीय जोड़ी को हराकर विश्व चैंपियनशिप क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। अब उनकी नजर ऐतिहासिक पदक पर है।
भारत की ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली। भारतीय जोड़ी ने राउंड ऑफ-16 मुकाबले में जापान की सातवीं वरीय रिन इवानागा और की नाकानिशी को सीधे गेमों में 21-16, 21-12 से हराया।
दुनिया की 39वें नंबर की भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा। जापानी खिलाड़ियों को लगातार दबाव में रखते हुए ट्रीसा और गायत्री ने उन्हें वापसी का कोई बड़ा मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ भारतीय जोड़ी ने तीन साल पहले जापानी जोड़ी से मिली हार का बदला भी ले लिया।
अब ट्रीसा और गायत्री पदक से सिर्फ एक जीत दूर हैं। क्वार्टर फाइनल में उनका सामना चीन की चौथी वरीय जिया यी फान और झांग शू शियान से होगा। भारतीय जोड़ी इससे पहले चीनी खिलाड़ियों के खिलाफ तीन मुकाबले खेल चुकी है, लेकिन तीनों में उसे हार का सामना करना पड़ा है।
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अगर ट्रीसा और गायत्री क्वार्टर फाइनल जीत जाती हैं तो वे सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ विश्व चैंपियनशिप में पदक पक्का कर लेंगी। ऐसा होने पर वे विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली भारत की सिर्फ दूसरी महिला युगल जोड़ी बन जाएंगी। इससे पहले ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने 2011 में यह उपलब्धि हासिल की थी।
मुकाबले में ट्रीसा के आक्रामक खेल ने अहम भूमिका निभाई। उनके जंप-स्मैश ने जापानी खिलाड़ियों की रक्षात्मक रणनीति को लगातार चुनौती दी, जबकि गायत्री ने नेट के पास शानदार खेल दिखाते हुए अपनी साथी के लिए मौके बनाए।
मुकाबले के दौरान कुछ लाइन कॉल को लेकर भारतीय खिलाड़ियों ने चुनौती भी दी। ट्रीसा को शटल के साथ दुर्व्यवहार के लिए पीला कार्ड मिला। तनाव बढ़ने पर कोच पुलेला गोपीचंद ने खिलाड़ियों को शांत रहने और खेल पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी।
ट्रीसा की चोट के कारण यह जोड़ी तीन महीने तक कोर्ट से दूर रही थी। वापसी के बाद उन्होंने अगस्त में फिलीपींस इंटरनेशनल जीतकर अपनी लय हासिल की और अब विश्व चैंपियनशिप में ऐतिहासिक पदक की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
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