ईरान युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल पर प्रतिबंधों में राहत दी
ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बीच अमेरिका ने वैश्विक तेल आपूर्ति बनाए रखने के लिए रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों पर लगे कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी राहत दी।
ईरान के साथ चल रहे युद्ध और वैश्विक तेल आपूर्ति पर बढ़ते दबाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने रूसी तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में अस्थायी राहत देने का फैसला किया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने गुरुवार को घोषणा की कि वह रूस के कुछ प्रतिबंधित कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की डिलीवरी और बिक्री की अनुमति देने के लिए एक विशेष लाइसेंस जारी कर रहा है।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के मुताबिक यह लाइसेंस अगले एक महीने तक प्रभावी रहेगा। इसका उद्देश्य वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बनाए रखना है, क्योंकि ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है।
दरअसल फारस की खाड़ी में स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य के लगभग बंद होने की स्थिति ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार को प्रभावित किया है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। इसके प्रभावी रूप से बंद होने से वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति कम हो गई है और कीमतों में तेजी आ गई है।
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डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह की शुरुआत में ही संकेत दिया था कि उनकी सरकार प्रतिबंधित तेल पर लगे नियमों में और ढील दे सकती है। उनका कहना था कि बाजार में तेल की कमी को पूरा करने के लिए वैकल्पिक स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूसी तेल पर अस्थायी राहत देने का यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने की कोशिश है। हालांकि इस फैसले को लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस भी शुरू हो सकती है, क्योंकि रूस पर पहले से ही कई पश्चिमी देशों द्वारा कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए गए हैं।
ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और आने वाले दिनों में ऊर्जा कीमतों पर इसका असर जारी रह सकता है।
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