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ट्रंप-मोदी बातचीत: मध्य पूर्व संकट और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुला रखने पर जोर

डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी ने मध्य पूर्व संकट पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खुला रखना बेहद जरूरी बताया।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बातचीत की, जिसमें मध्य पूर्व में जारी तनावपूर्ण स्थिति और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके प्रभाव को लेकर चर्चा की गई। इस बातचीत में विशेष रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खुला रखने के महत्व पर जोर दिया गया।

भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व की वर्तमान स्थिति पर विचार-विमर्श किया और इस बात पर सहमति जताई कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य का खुला रहना वैश्विक ऊर्जा स्थिरता के लिए बेहद जरूरी है।

होर्मुज़ जलडमरूमध्य, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है, दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। इस मार्ग से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल आपूर्ति होती है, इसलिए यहां किसी भी तरह का अवरोध पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है।

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यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब ईरान द्वारा इस मार्ग पर तेल और ऊर्जा जहाजों की आवाजाही को सीमित करने की खबरें सामने आई हैं। इससे वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई है और ऊर्जा संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है।

इससे एक दिन पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ प्रस्तावित हमलों को अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि तेहरान के साथ बातचीत “सकारात्मक” दिशा में आगे बढ़ रही है। साथ ही, उन्होंने ईरान को होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने के लिए पांच दिन का समय दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस संकट का समाधान कूटनीतिक वार्ता से ही संभव है, क्योंकि यह केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक प्रभाव वाला मुद्दा बन चुका है।

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