ईरान शांति प्रस्ताव पर ट्रंप-नेतन्याहू में तीखी बातचीत, रिपोर्ट में बढ़े मतभेदों का दावा
ईरान को लेकर नए शांति प्रस्ताव पर डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच तनावपूर्ण बातचीत हुई। रिपोर्ट में दोनों नेताओं के बीच गहरे मतभेद सामने आने का दावा किया गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच ईरान को लेकर एक तनावपूर्ण फोन बातचीत होने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच ईरान के साथ नए कूटनीतिक समझौते को लेकर तीखी बहस हुई, जिससे दोनों देशों के रुख में मतभेद स्पष्ट दिखाई दिए।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ईरान के साथ नए शांति और परमाणु समझौते की दिशा में बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इस प्रक्रिया में कतर, पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र जैसे देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। बताया जा रहा है कि नया प्रस्ताव ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सख्त प्रतिबद्धताओं और जमे हुए ईरानी फंड जारी करने की शर्तों पर आधारित है।
रिपोर्ट में दावा किया गया कि फोन कॉल के बाद नेतन्याहू बेहद नाराज और चिंतित नजर आए। एक सूत्र ने कहा कि उनकी प्रतिक्रिया इतनी तीखी थी मानो “उनके बालों में आग लगी हो।”
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डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वह कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार हैं, लेकिन यदि बातचीत विफल रहती है तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी खुला है। उन्होंने अमेरिकी कोस्ट गार्ड अकादमी में कहा कि अब सवाल केवल यह है कि ईरान समझौता करेगा या फिर निर्णायक कार्रवाई का सामना करेगा।
वहीं नेतन्याहू ईरान के खिलाफ अधिक सख्त रुख अपनाने के पक्ष में बताए जा रहे हैं। इजरायल लंबे समय से ईरान को लेकर किसी भी नरम रुख का विरोध करता रहा है और चाहता है कि किसी भी समझौते में कड़े सुरक्षा प्रावधान हों।
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने नेतन्याहू को बताया कि मध्यस्थ देश एक “लेटर ऑफ इंटेंट” तैयार कर रहे हैं, जो अमेरिका और ईरान के बीच औपचारिक बातचीत का आधार बन सकता है।
हालांकि, वॉशिंगटन स्थित इजरायली दूतावास ने निजी बातचीत पर टिप्पणी करने से इनकार किया है।
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