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तुकाराम मुंढे को एमपीएससी जांच आयोग में अहम जिम्मेदारी, 11 दिन बाद अभ्यर्थियों ने खत्म किया प्रदर्शन

महाराष्ट्र सरकार ने तुकाराम मुंढे को एमपीएससी जांच आयोग का सचिव नियुक्त करने पर सहमति दी। अध्यक्ष विवेक भीमनवार छुट्टी पर रहेंगे और अभ्यर्थियों ने आंदोलन वापस लिया।

महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ पुणे में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने करीब 11 दिनों बाद अपना आंदोलन वापस ले लिया है। महाराष्ट्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे को जांच आयोग का सचिव नियुक्त करने और आयोग के अध्यक्ष विवेक भीमनवार को जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेजने पर सहमति जताई है।

प्रदर्शनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में मुंढे की नियुक्ति भी शामिल थी। महाराष्ट्र के मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने देर रात आंदोलनरत अभ्यर्थियों, विधायक रोहित पवार और अन्य प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस बैठक में कांग्रेस विधायक विश्वजीत कदम भी मौजूद थे। सरकार ने स्पष्ट किया कि भीमनवार को पद से हटाया नहीं गया है, बल्कि जांच पूरी होने तक वे छुट्टी पर रहेंगे।

पांच सदस्यीय आयोग करेगा जांच

एमपीएससी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों के आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय आयोग बनाया गया है। इसकी अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश दिलीप भोसले करेंगे। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे आयोग के सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे।

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आयोग के अन्य सदस्यों में आईपीएस अधिकारी लक्ष्मी गौतम, पूर्व आईएएस अधिकारी गणेश पाटिल और सेवानिवृत्त न्यायाधीश पी. डी. नाइक शामिल हैं। आयोग को अपनी रिपोर्ट 60 दिनों के भीतर सौंपने का निर्देश दिया गया है।

पूर्व न्यायाधीश दिलीप भोसले ने प्रदर्शनकारियों को उनकी अन्य मांगों पर भी विचार करने का आश्वासन दिया। इनमें प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना, तीन वर्षों में 70 हजार लोगों की भर्ती करना, जनवरी में होने वाली समूह-सी परीक्षा में रिक्तियों की संख्या बढ़ाना और एमपीएससी अध्यक्ष तथा सचिव की नियुक्ति से पहले उनके पुराने रिकॉर्ड की जांच करना शामिल है।

अध्यक्ष को हटाने के लिए संवैधानिक प्रक्रिया जरूरी

एमपीएससी अध्यक्ष का पद संवैधानिक है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले स्पष्ट कर चुके हैं कि राज्य सरकार या राज्यपाल सीधे अध्यक्ष को पद से नहीं हटा सकते। संविधान के अनुच्छेद 317 में लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को हटाने की प्रक्रिया निर्धारित है।

फिलहाल, अध्यक्ष को जांच पूरी होने तक छुट्टी पर भेजने और तुकाराम मुंढे को आयोग में जिम्मेदारी देने के फैसले के बाद अभ्यर्थियों ने आंदोलन समाप्त कर दिया है।

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