TVK ने कैबिनेट में AIADMK बागियों की एंट्री से इनकार किया, सहयोगियों को दिया भरोसा
टीवीके ने स्पष्ट किया कि कैबिनेट में एआईएडीएमके बागियों को शामिल नहीं किया जाएगा। सहयोगी दलों ने समर्थन पर पुनर्विचार की चेतावनी दी थी, जिसके बाद यह बयान आया।
तमिलनाडु की तमिलगा वेट्ट्री कज़गम (टीवीके) ने स्पष्ट किया कि विजय के नेतृत्व वाली सरकार में किसी भी एआईएडीएमके बागी विधायक को कैबिनेट में शामिल नहीं किया जाएगा। यह बयान उस समय आया जब एक दिन पहले सीपीआई(एम) के तमिलनाडु सचिव पी. शणमुगम ने चेतावनी दी थी कि यदि एआईएडीएमके से अलग हुए नेताओं को सरकार में शामिल किया गया तो उनकी पार्टी टीवीके को दिए जा रहे समर्थन पर पुनर्विचार करेगी।
टीवीके की ओर से राज्य मंत्री आधव अर्जुना ने कहा कि एआईएडीएमके विधायकों को कैबिनेट में जगह देने की खबरें पूरी तरह अफवाह हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन पूरी तरह मजबूत और एकजुट है तथा मुख्यमंत्री विजय जल्द ही कैबिनेट विस्तार करेंगे।
अर्जुना ने यह भी आरोप लगाया कि द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) एआईएडीएमके के साथ गठबंधन बनाने की कोशिश कर रही थी, ताकि सत्ता हासिल की जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चाहते हैं कि कैबिनेट एक परिवार की तरह काम करे और समर्थन देने वाले सभी दलों को उचित प्रतिनिधित्व मिले।
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उन्होंने आगे कहा कि चुनाव के दौरान डीएमके ने एआईएडीएमके पर भाजपा के प्रभाव में होने का आरोप लगाया था, लेकिन बाद में उसी पार्टी के साथ गठबंधन वार्ता शुरू कर दी।
इस बीच, सीपीआई(एम) नेता पी. शणमुगम ने कहा कि यदि एआईएडीएमके के बागियों को कैबिनेट में जगह दी गई तो वाम दल और वीसीके (विदुथलाई चिरुथैगल काची) टीवीके सरकार को दिए जा रहे समर्थन पर पुनर्विचार करेंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वाम दलों और वीसीके ने टीवीके सरकार को बाहर से समर्थन देने का संयुक्त निर्णय लिया था, लेकिन प्रत्येक दल स्वतंत्र रूप से अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र है।
तमिलनाडु की राजनीति में इस बयान के बाद एक बार फिर गठबंधन समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
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