राजनीतिक रैलियों को लेकर तमिलनाडु सरकार की SOP को TVK ने मद्रास हाईकोर्ट में दी चुनौती
TVK ने राजनीतिक रैलियों से जुड़ी तमिलनाडु सरकार की SOP की दो धाराओं को मद्रास हाईकोर्ट में चुनौती दी है, उन्हें असंवैधानिक और राजनीतिक गतिविधियों को दबाने वाला बताया है।
अभिनेता-राजनेता सी. जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कज़गम (TVK) ने तमिलनाडु सरकार द्वारा राजनीतिक और सार्वजनिक आयोजनों के लिए जारी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के कुछ प्रावधानों को मद्रास उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। यह SOP 5 जनवरी, 2026 को अधिसूचित की गई थी, जो 5,000 से अधिक लोगों की भागीदारी वाले सार्वजनिक सभाओं, जुलूसों, रोड शो, प्रदर्शनों, विरोध प्रदर्शनों, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों तथा अन्य जनसभाओं के आयोजन की अनुमति से संबंधित है।
TVK ने उच्च न्यायालय में दायर रिट याचिका में SOP की धारा 6(c) और 8(g)1 को निरस्त करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि ये प्रावधान अवैध, मनमाने, असंवैधानिक हैं और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार ने इन प्रावधानों के जरिए अपनी शक्तियों का रंगीन (colourable) और अनुचित प्रयोग किया है, जिसका उद्देश्य याचिकाकर्ता पार्टी सहित राजनीतिक दलों की गतिविधियों को दबाना है।
पार्टी ने अदालत से आग्रह किया है कि इन विवादित धाराओं को असंवैधानिक घोषित करते हुए रद्द किया जाए। इसके साथ ही TVK ने गृह सचिव को निर्देश देने की मांग की है कि वह सभी हितधारकों, विशेषकर पंजीकृत राजनीतिक दलों, की आपत्तियों और सुझावों पर विधिवत विचार करने के बाद एक नई SOP का निर्माण और अधिसूचना करें।
याचिका में कहा गया है कि नई SOP निष्पक्ष, समान और गैर-भेदभावपूर्ण होनी चाहिए, ताकि सभी राजनीतिक दलों और संगठनों को समान अवसर मिल सके। TVK का तर्क है कि लोकतंत्र में राजनीतिक गतिविधियां और शांतिपूर्ण सभाएं नागरिकों का मौलिक अधिकार है, जिन्हें प्रशासनिक नियमों के जरिए अनावश्यक रूप से सीमित नहीं किया जा सकता।
इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट के निर्णय पर अब सभी राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका प्रभाव भविष्य में तमिलनाडु में राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर पड़ सकता है।
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