×
 

पुलवामा के जंगल में सुरक्षाबलों ने दो संदिग्ध आतंकी सहयोगियों को पकड़ा, पिस्तौल और ग्रेनेड बरामद

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में पुलिस, सेना और सीआरपीएफ ने जंगल से दो संदिग्ध आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से पिस्तौल, 12 कारतूस और ग्रेनेड बरामद हुआ।

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षाबलों को आतंकवाद विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस, सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टीम ने जंगल क्षेत्र से दो संदिग्ध आतंकी सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, दोनों संदिग्धों को सीबी नाथ, राजपोरा के यारवन जंगल क्षेत्र में पकड़ा गया। सुरक्षा एजेंसियों को इलाके में संदिग्ध गतिविधियों और आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े लोगों की मौजूदगी की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस, सेना और सीआरपीएफ ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया।

अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने दो संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक पिस्तौल, पिस्तौल के 12 कारतूस और एक हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया।

और पढ़ें: कश्मीर पर सर्जियो गोर के बयान से पाकिस्तान नाराज, अमेरिकी राजनयिक को किया तलब

अधिकारियों ने बताया कि दोनों संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दोनों का किसी सक्रिय आतंकवादी संगठन से संबंध था या नहीं और बरामद हथियारों का इस्तेमाल किसी आतंकी गतिविधि में किया जाना था या नहीं।

सुरक्षा अधिकारियों ने इस कार्रवाई को क्षेत्र में आतंकवादी नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता बताया। अधिकारियों के मुताबिक, संयुक्त अभियान का उद्देश्य आतंकवादी गतिविधियों के लिए स्थानीय स्तर पर मदद उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क को खत्म करना और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखना है।

सुरक्षाबलों की ओर से जंगल और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान जारी रखा गया है। अधिकारियों को आशंका है कि इलाके में आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े अन्य संदिग्ध भी मौजूद हो सकते हैं। ऐसे में सुरक्षा बलों ने अभियान का दायरा बढ़ा दिया है।

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबल लगातार आतंकवादी संगठनों के सहयोगी नेटवर्क पर कार्रवाई कर रहे हैं। ओवरग्राउंड वर्कर्स पर आतंकियों को रसद, ठिकाने, हथियार या अन्य सहायता उपलब्ध कराने का आरोप लगाया जाता है।

अधिकारियों ने कहा कि आतंकवादी नेटवर्क को तोड़ने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। गिरफ्तार किए गए दोनों संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

और पढ़ें: अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने श्रीनगर की डल झील में लिया शिकारा का आनंद

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share