मानसून सत्र से पहले उद्धव सेना के 7 सांसद शिंदे गुट में जा सकते हैं, पूर्व सांसद का बड़ा दावा
उद्धव ठाकरे गुट के 7 सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने का दावा किया गया है। हालांकि यूबीटी ने इसे खारिज करते हुए पार्टी के एकजुट रहने की बात कही है।
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दावा किया जा रहा है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के सात लोकसभा सांसद आने वाले मानसून सत्र से पहले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट में शामिल हो सकते हैं। इस दावे ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस को जन्म दे दिया है।
शिवसेना नेता और पूर्व सांसद-कुलपति कृपालु माने ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि जल्द ही महाराष्ट्र की राजनीति में “ऑपरेशन टाइगर” होने वाला है। उनके अनुसार, यह राजनीतिक बदलाव मानसून सत्र से पहले पूरा हो जाएगा और सात सांसद शिंदे गुट में शामिल होंगे।
कृपालु माने ने यह भी दावा किया कि केवल सांसद ही नहीं, बल्कि कई विधायक भी शिंदे गुट के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि लगभग 16 विधायक भी एकनाथ शिंदे के साथ जुड़ने की तैयारी में हैं और मानसून सत्र के बाद यह बदलाव देखने को मिल सकता है।
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माने के अनुसार, “ऑपरेशन टाइगर” की पूरी तैयारी हो चुकी है और सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि जैसे किसी मेडिकल ऑपरेशन से पहले जांच होती है, वैसे ही इस राजनीतिक ऑपरेशन की भी सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उद्धव ठाकरे द्वारा हाल ही में बुलाई गई बैठक में कई सांसद अनुपस्थित रहे, जबकि कुछ उपस्थित सांसद भी शिंदे गुट के संपर्क में हैं।
हालांकि, उद्धव ठाकरे गुट ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है। यूबीटी गुट का कहना है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और किसी भी प्रकार का विभाजन नहीं होगा। साथ ही यह भी कहा गया कि आदित्य ठाकरे पार्टी की युवा नेतृत्व के रूप में आगे संगठन को मजबूत करेंगे।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयानबाजी महाराष्ट्र की राजनीति में नई रणनीतिक हलचल का संकेत हो सकती है।
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