उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास निगम ने पट्टा अवधि समाप्त होने पर संरचना हटाया
उज्जैन नगर निगम ने महाकाल मंदिर के पास पट्टा अवधि समाप्त होने पर व्यावसायिक संरचना हटाई, जिससे मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र भक्तों के लिए साफ-सुथरा और व्यवस्थित बना।
मध्यप्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के पास एक व्यावसायिक संरचना को नगर निगम ने हटाया है। निगम ने यह कदम उस समय उठाया जब संबंधित पट्टा अवधि पूरी हो चुकी थी और उसका नवीनीकरण नहीं किया गया।
इस कार्रवाई का उद्देश्य मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र को साफ-सुथरा और भक्तों के लिए सुगम बनाना बताया गया है। नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि पट्टाधारी को कई बार नोटिस दिए गए थे, लेकिन वह समय पर पट्टे का नवीनीकरण नहीं करा पाया। इसके बाद निगम ने कानूनी प्रक्रिया के तहत संरचना को हटाने का निर्णय लिया।
महाकाल मंदिर के आसपास स्थित इस संरचना का उपयोग पहले व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। नगर निगम ने बताया कि हटाई गई संरचना से क्षेत्र का सौंदर्य और सार्वजनिक सुरक्षा प्रभावित हो रही थी। अब इस स्थान को सफाई और विकास कार्यों के लिए खाली कराया गया है।
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स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि मंदिर के आसपास अतिक्रमण हटाने से भक्तों की सुविधाएं बढ़ेंगी और क्षेत्र का धार्मिक महत्व बना रहेगा।
नगर निगम के अधिकारियों ने भविष्य में भी ऐसे सभी स्थानों पर नियमित निरीक्षण करने और पट्टा नियमों का पालन सुनिश्चित करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि उज्जैन जैसे धार्मिक शहर में मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र सुचारू और व्यवस्थित होना आवश्यक है।
इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया कि धार्मिक स्थलों के आसपास किसी भी तरह का अतिक्रमण नियमों के अनुसार सख्ती से नियंत्रित किया जाएगा।