सोशल मीडिया से बच्चों की सुरक्षा पर जोर: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोले, और कदम उठाने की जरूरत
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने बच्चों की सोशल मीडिया सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कहा कि 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर प्रतिबंध सहित सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने सोमवार को कहा कि सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा के लिए और अधिक कड़े कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार ऑस्ट्रेलिया के उस फैसले का अध्ययन कर रही है, जिसमें 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया गया है। स्टारमर ने एक कॉन्फ्रेंस में कहा कि युवाओं के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को सीमित करने को लेकर “कोई भी विकल्प खारिज नहीं किया गया है।”
प्रधानमंत्री ने यह भी चिंता जताई कि छोटे बच्चों में स्क्रीन टाइम लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसका उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को ऑनलाइन खतरों और लत लगाने वाले कंटेंट से बचाने के लिए सरकार को गंभीरता से सोचना होगा।
गौरतलब है कि पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला ऐसा देश बना, जिसने इंस्टाग्राम, फेसबुक, टिकटॉक और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के इस्तेमाल पर 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रतिबंध लगाया। इसके बाद ब्रिटेन, फ्रांस और अन्य यूरोपीय देशों में भी इस तरह के प्रतिबंधों पर चर्चा तेज हो गई है।
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स्टारमर ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के फैसले से जुड़े ठोस साक्ष्यों का इंतजार किया जा रहा है, ताकि यह आकलन किया जा सके कि इस तरह के कदम कितने प्रभावी हैं। इसी बीच, उनकी लेबर पार्टी के लगभग 60 सांसदों ने रविवार को एक खुला पत्र लिखकर प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे नीति में बदलाव करें और 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया तक पहुंच को बंद करें। सांसदों ने कहा कि अनियंत्रित और नशे जैसी लत पैदा करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से बच्चों की सुरक्षा के लिए अब तक सरकारों ने बहुत कम कदम उठाए हैं।
विपक्षी कंज़र्वेटिव पार्टी की नेता केमी बैडेनोक ने भी प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर और सख्त रुख अपनाने की मांग की है। उन्होंने खुले तौर पर ब्रिटेन में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का समर्थन किया है।
ब्रिटिश मीडिया के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रतिबंध से जुड़ा एक क्रॉस-पार्टी संशोधन इस सप्ताह संसद के ऊपरी सदन हाउस ऑफ लॉर्ड्स में मतदान के लिए आ सकता है। वहीं फ्रांस में भी 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्रतिबंध से जुड़े विधेयकों पर बहस चल रही है, जिनमें राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा समर्थित प्रस्ताव भी शामिल है।
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