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उमंग पोर्टल की सुरक्षा में खामियां उजागर, शोधकर्ताओं ने लाखों भारतीयों के डेटा लीक होने का जताया खतरा

सुरक्षा शोधकर्ताओं ने सरकारी उमंग पोर्टल में कई खामियां मिलने का दावा किया है। इनसे ईपीएफओ, एलपीजी बुकिंग और आधार जैसी संवेदनशील जानकारियों के उजागर होने का खतरा बताया गया है।

सरकार के डिजिटल सेवा मंच उमंग (यूनिफाइड मोबाइल एप्लीकेशन फॉर न्यू-एज गवर्नेंस) पोर्टल में सुरक्षा संबंधी कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। दो साइबर सुरक्षा शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि इन कमजोरियों के कारण लाखों भारतीयों की निजी जानकारी अलग-अलग सरकारी डेटाबेस में उजागर होने का खतरा पैदा हो गया है।

शोधकर्ताओं अक्षय सीएस और विरल वाघेला ने अपनी जांच में बताया कि उमंग पोर्टल की संरचना में मौजूद खामियों के कारण कई सेवाओं से जुड़ा उपयोगकर्ता डेटा असुरक्षित हो सकता है। उमंग पोर्टल केंद्र और राज्य सरकारों की 2,400 से अधिक सेवाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराता है।

शोधकर्ताओं के अनुसार, जांच के दौरान ऐसी कमजोरियां मिलीं, जिनके कारण कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्रभावित हो सकती हैं। इनमें कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) से जुड़े यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन), एक प्रमुख तेल विपणन कंपनी से संबंधित एलपीजी सिलेंडर बुकिंग की जानकारी और कई सेवाओं में सुरक्षित किए गए आधार नंबर जैसी संवेदनशील सूचनाएं शामिल हैं।

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साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ये कमजोरियां लंबे समय से मौजूद हो सकती हैं और इसका कारण पोर्टल की मूल तकनीकी संरचना है। शोधकर्ता विरल वाघेला ने कहा कि समस्या केवल किसी एक सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि पोर्टल के डिजाइन से जुड़ी हुई है। उन्होंने दावा किया कि "लगभग सब कुछ डिजाइन स्तर पर ही खराब है।"

उमंग पोर्टल भारत सरकार की डिजिटल इंडिया पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके माध्यम से नागरिकों को विभिन्न सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराई जाती है। ऐसे में सुरक्षा खामियों की खबर ने डेटा गोपनीयता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नागरिकों की संवेदनशील जानकारी सुरक्षित रखने के लिए नियमित सुरक्षा ऑडिट, मजबूत डेटा सुरक्षा प्रणाली और समय-समय पर कमजोरियों की जांच बेहद जरूरी है। हालांकि, इन दावों पर संबंधित सरकारी एजेंसियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

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