केंद्रीय बजट 2026: ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा क्षेत्र को रिकॉर्ड ₹7.85 लाख करोड़ का प्रावधान
केंद्रीय बजट 2026 में ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद रक्षा क्षेत्र को रिकॉर्ड ₹7.85 लाख करोड़ मिले, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मजबूती मिलेगी।
केंद्रीय बजट 2026 में राष्ट्रीय सुरक्षा को और मज़बूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा क्षेत्र के लिए रिकॉर्ड ₹7.85 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह अब तक का सबसे बड़ा रक्षा बजट है, जो हाल ही में संपन्न हुए ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता की पृष्ठभूमि में सामने आया है। सरकार का यह कदम न केवल देश की सुरक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करेगा, बल्कि स्वदेशी रक्षा उत्पादन को भी नई गति देगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता ने भारत की सैन्य क्षमता और रणनीतिक मजबूती को साबित किया है। उन्होंने कहा कि रक्षा बजट में की गई यह वृद्धि भारत की रक्षा प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाने के सरकार के संकल्प को दर्शाती है। उनके अनुसार, यह आवंटन आधुनिक हथियार प्रणालियों, उन्नत तकनीक और सेना के तीनों अंगों—थलसेना, नौसेना और वायुसेना—की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगा।
बजट में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए स्वदेशी रक्षा उद्योग पर विशेष जोर दिया गया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास, घरेलू रक्षा विनिर्माण, स्टार्टअप्स और निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे न केवल आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि देश में रोजगार सृजन और तकनीकी विकास को भी बल मिलेगा।
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सरकार का मानना है कि बढ़ता वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और क्षेत्रीय चुनौतियां भारत से एक मजबूत, आधुनिक और आत्मनिर्भर रक्षा तंत्र की मांग करती हैं। रक्षा बजट में यह ऐतिहासिक बढ़ोतरी उसी दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारत की सैन्य तैयारी, सीमा सुरक्षा और रणनीतिक प्रभाव में उल्लेखनीय सुधार होगा।
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