केंद्रीय बजट 2026: ग्रामीण रोजगार योजना VB–G RAM G को ₹95,692 करोड़, 125 दिन के काम के लक्ष्य से काफी कम—विशेषज्ञ
बजट 2026 में ग्रामीण रोजगार योजनाओं के लिए ₹1.25 लाख करोड़ का प्रावधान किया गया, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार 125 दिन के रोजगार लक्ष्य को पूरा करने के लिए यह राशि अपर्याप्त है।
केंद्रीय बजट 2026 में ग्रामीण रोजगार योजनाओं के लिए आवंटन में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। सरकार ने ग्रामीण रोजगार के लिए नई योजना—विकसित भारत-गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB–G RAM G अधिनियम, 2025—के तहत ₹95,692.31 करोड़ का प्रावधान किया है। इसके अलावा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) के लिए ₹30,000 करोड़ अलग से रखे गए हैं, क्योंकि नई योजना से जुड़ा कानून अभी अधिसूचित नहीं हुआ है।
इस तरह दोनों ग्रामीण रोजगार योजनाओं के लिए कुल आवंटन ₹1,25,692.31 करोड़ हो जाता है। यह राशि 2025-26 में MGNREGA के संशोधित अनुमान ₹88,000 करोड़ की तुलना में काफी अधिक है। बजट में ग्रामीण रोजगार योजनाओं के लिए कुल मिलाकर लगभग 43 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाई गई है, जिसे सरकार ने ग्रामीण आय, आजीविका और रोजगार सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
हालांकि, श्रम अधिकार कार्यकर्ताओं और नीति विशेषज्ञों ने इस आवंटन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह राशि सरकार के अपने घोषित लक्ष्य—MGNREGA के तहत पंजीकृत सभी श्रमिकों को 125 कार्यदिवस का रोजगार उपलब्ध कराने—के लिए पर्याप्त नहीं है। उनके आकलन के अनुसार, यदि सरकार वास्तव में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देना चाहती है, तो इसके लिए करीब ₹2.30 लाख करोड़ का आवंटन जरूरी होगा।
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विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि बढ़ती महंगाई, मजदूरी दरों में संशोधन और लंबित भुगतान जैसी चुनौतियों को देखते हुए मौजूदा बजटीय प्रावधान जमीनी जरूरतों से कम पड़ सकते हैं। उनका तर्क है कि पर्याप्त वित्तीय समर्थन के बिना ग्रामीण रोजगार योजनाएं अपने उद्देश्य को पूरी तरह हासिल नहीं कर पाएंगी।
सरकार की ओर से कहा गया है कि नई VB–G RAM G योजना के लागू होने के बाद रोजगार सृजन की क्षमता बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। लेकिन फिलहाल विशेषज्ञ इस बात पर जोर दे रहे हैं कि लक्ष्य और आवंटन के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है।
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