केंद्रीय कैबिनेट ने शहरों के लिए अर्बन चैलेंज फंड की मंजूरी दी
केंद्रीय कैबिनेट ने 1 लाख करोड़ की केंद्रीय सहायता वाली ‘अर्बन चैलेंज फंड’ योजना को मंजूरी दी, जिससे शहरों में स्मार्ट और लचीली परियोजनाओं का विकास होगा।
केंद्रीय कैबिनेट ने शुक्रवार (13 फरवरी 2026) को केंद्रीय आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) की नई केंद्रीकृत योजना ‘अर्बन चैलेंज फंड (Urban Challenge Fund – UCF)’ को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत कुल ₹1 लाख करोड़ की केंद्रीय सहायता दी जाएगी।
योजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में परिवर्तनकारी और वित्तीय रूप से व्यवहार्य परियोजनाओं का समर्थन करना है। इसे “चैलेंज-मोड” प्रतियोगिता के माध्यम से लागू किया जाएगा, क्योंकि केवल सार्वजनिक वित्त के जरिए शहरी बुनियादी ढांचे की आवश्यकताओं को पूरा करना संभव नहीं है।
केंद्रीय सहायता परियोजना की लागत का 25% तक कवर करेगी, जबकि शेष राशि बाजार से जुटाई जाएगी। इसमें नगरपालिका बॉन्ड, बैंक ऋण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी (Public-Private Partnership) शामिल हैं। इस प्रणाली के तहत अगले पांच वर्षों में शहरी क्षेत्र में अनुमानित कुल निवेश ₹4 लाख करोड़ तक पहुँच सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस योजना से शहरों की संरचना और शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार होगा। यह योजना विशेष रूप से ऐसे शहरों के लिए लाभकारी होगी, जिन्हें जलवायु लचीलापन, यातायात प्रबंधन, स्मार्ट सिटी सुविधाएं और सतत शहरी विकास की आवश्यकता है।
केंद्र सरकार का यह कदम शहरी विकास के लिए वित्तीय नवाचार को प्रोत्साहित करेगा और निवेशकों के लिए नई संभावनाएं खोलेगा। इसके अलावा, परियोजनाओं के चयन में प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया यह सुनिश्चित करेगी कि केवल उच्च गुणवत्ता वाली और प्रभावी योजनाओं को वित्तीय सहायता मिले।
इस पहल से शहरी क्षेत्रों में रोजगार, निवेश और सतत विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।