यूपी विधानसभा में राज्यपाल के संबोधन के दौरान हंगामा, सीएम योगी बोले—हर मुद्दे पर बहस को तैयार
यूपी विधानसभा में राज्यपाल के संबोधन के दौरान एसपी विधायकों ने हंगामा किया। सीएम योगी ने कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा को तैयार है और विपक्ष से सदन चलने देने की अपील की।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को भारी हंगामे के साथ हुई। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के संबोधन के दौरान समाजवादी पार्टी (SP) के विधायकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। हाथों में तख्तियां लेकर एसपी विधायकों ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) समुदाय के अधिकारों के साथ खिलवाड़ कर रही है।
एसपी प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर विधायकों ने सत्र के दौरान कई मुद्दे उठाए। उन्होंने फॉर्म-7 के जरिए मतदाता सूची से समर्थकों के नाम हटाने, एसआईआर प्रक्रिया के दुरुपयोग, महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार को घेरा। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर मंदिर तोड़े जाने का मुद्दा भी उठाया गया। कुछ तख्तियों पर लिखा था—“पूरी जनता एकजुट, बीजेपी PDA से पराजित”, “भ्रष्टाचार की जड़ उखाड़ो, नया भारत तैयार” और “दिनदहाड़े लूट और प्रचार”।
विधानसभा परिसर के अंदर और बाहर दोनों जगह विरोध जारी रहा। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शांत नजर आए और मेज थपथपाकर कहा कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और अन्य भाजपा विधायकों ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए।
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सीएम योगी ने विपक्ष से सदन की कार्यवाही बाधित न करने की अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र संवाद से चलता है, व्यवधान से नहीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेगी, जिसमें उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति दिखाई जाएगी।
11 फरवरी 2026 को यूपी बजट पेश किया जाएगा। सत्र के पहले दिन के घटनाक्रम से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में विपक्ष सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है।
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