उत्तर प्रदेश में अप्रैल से बढ़ेंगे रिटेल शराब के दाम
उत्तर प्रदेश की नई आबकारी नीति के तहत अप्रैल से रिटेल शराब के दाम बढ़ेंगे। नीति में लाइसेंस शुल्क और MRP संशोधन के साथ शराब के निर्यात को भी बढ़ावा दिया गया है।
उत्तर प्रदेश में रिटेल शराब के दाम अगले वित्तीय वर्ष से बढ़ने वाले हैं। यह फैसला राज्य सरकार द्वारा 2026-27 के लिए अनुमोदित नई आबकारी नीति के तहत लिया गया है। इस नीति का उद्देश्य राज्य में राजस्व बढ़ाना और शराब के निर्यात पर ध्यान केंद्रित करना है।
राज्य कैबिनेट ने नीति को मंजूरी देते हुए रिटेल विक्रेताओं के लिए लाइसेंस शुल्क बढ़ा दिया है। साथ ही, नई मूल्य निर्धारण मानदंडों (MRP) में संशोधन किया गया है, जिससे विभिन्न श्रेणियों की शराब के दाम में वृद्धि होने की संभावना है। नए वित्तीय वर्ष में यह बदलाव ग्राहकों को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करेगा।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने 2026-29 के लिए एक समर्पित आबकारी निर्यात नीति भी अधिसूचित की है। यह देश में पहली बार है जब किसी राज्य ने शराब के विदेशी निर्यात को बढ़ावा देने के लिए स्वतंत्र रूप से एक ढांचा पेश किया है। इस नीति के तहत उत्तर प्रदेश में निर्मित शराब को अंतरराष्ट्रीय बाजार में भेजने के नियम और सुविधाएँ तय की गई हैं।
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सरकार का मानना है कि इस नीति से न केवल राज्य के राजस्व में इजाफा होगा, बल्कि उत्तर प्रदेश की शराब को वैश्विक बाजार में पहचान भी मिलेगी। नीति में शामिल संशोधनों के तहत रिटेल विक्रेताओं की जिम्मेदारियाँ और उनके लाइसेंस शुल्क के ढांचे में बदलाव किया गया है, जिससे उद्योग में सुव्यवस्था और पारदर्शिता बढ़ेगी।
राज्य के आबकारी विभाग ने कहा कि नई नीति के साथ निर्यात और घरेलू बिक्री दोनों क्षेत्रों में सुधार की उम्मीद है। नीति का क्रियान्वयन अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा।
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