उत्तर प्रदेश अब दंगा और कर्फ्यू मुक्त, त्योहार बने राज्य की नई पहचान: मुख्यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश साढ़े नौ वर्षों से दंगा और कर्फ्यू मुक्त है। उन्होंने त्योहारों, विकास और सांस्कृतिक विरासत को राज्य की नई पहचान बताया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को मथुरा दौरे के दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत को लेकर बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब दंगों और कर्फ्यू के दौर से आगे निकल चुका है और पिछले साढ़े नौ वर्षों से राज्य दंगा तथा कर्फ्यू मुक्त है। उन्होंने कहा कि अब त्योहार उत्तर प्रदेश की नई पहचान बन गए हैं।
मुख्यमंत्री मथुरा में 1,051 करोड़ रुपये की लागत वाली 229 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकास को केवल बिजली और पानी की उपलब्धता तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, अतीत में विकास के नाम पर भारत की सांस्कृतिक विरासत की उपेक्षा और उसके अपमान के प्रयास भी किए गए।
भारत की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए योगी ने कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों ने देश की परंपराओं और विरासत को नष्ट करने की कोशिश की, जबकि ब्रिटिश शासन के दौरान भी ऐसे प्रयास हुए। उन्होंने कहा कि किसी देश या राज्य की पहचान उसकी स्मृतियों, संस्कृति और जड़ों से होती है।
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योगी ने कहा कि भारत का इतिहास सनातन परंपरा की निरंतरता का इतिहास है। सदियों के विदेशी आक्रमणों के बावजूद देश की सामूहिक स्मृति, परंपराएं और सांस्कृतिक पहचान समाप्त नहीं हुईं। उन्होंने इसे सनातन और ब्रज की शक्ति बताया।
मुख्यमंत्री ने काशी और अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि इन स्थानों की धार्मिक परंपराएं कठिन परिस्थितियों के बावजूद कायम रहीं। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम और राम मंदिर को सांस्कृतिक विरासत के पुनरुत्थान का उदाहरण बताया।
कानून-व्यवस्था पर योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में दंगे और कर्फ्यू नहीं हैं। उन्होंने कांवड़ यात्रा में करीब पांच करोड़ लोगों की भागीदारी का उल्लेख किया। उन्होंने मथुरा के 2016 के जवाहर बाग कांड को भी याद किया, जिसमें 29 लोगों की मौत हुई थी।
योगी ने कहा कि मेरठ और लखनऊ जैसे शहरों में पहले होने वाली सांप्रदायिक हिंसा की स्थिति में अब बड़ा बदलाव आया है। उनके मुताबिक, त्योहारों का शांतिपूर्ण आयोजन राज्य में आए परिवर्तन का प्रतीक है।
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