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अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने लालबागचा राजा के किए दर्शन, बोले- यहां की ऊर्जा अविश्वसनीय

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मुंबई के लालबागचा राजा पंडाल में भगवान गणेश के दर्शन किए। उन्होंने उत्सव की ऊर्जा को अविश्वसनीय बताया और श्रद्धालुओं से यहां आने की अपील की।

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने गणेश चतुर्थी के अवसर पर सोमवार, 14 सितंबर को मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने गणपति प्रतिमा के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। उनके दर्शन का वीडियो भी सामने आया है।

मुंबई पहुंचने के बाद सर्जियो गोर लालबागचा राजा के पंडाल पहुंचे। उन्होंने भगवान गणेश के सामने प्रार्थना की और गणेशोत्सव के भव्य आयोजन का हिस्सा बने। दर्शन के बाद उन्होंने पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं और उत्सव के माहौल की सराहना की।

सर्जियो गोर ने कहा कि प्रसिद्ध गणपति पंडाल में आना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि यहां का वातावरण बेहद जीवंत है और इसकी ऊर्जा “अविश्वसनीय” है। अमेरिकी राजदूत ने उन लोगों से भी लालबागचा राजा के दर्शन करने की अपील की, जिन्होंने अभी तक यहां के उत्सव का अनुभव नहीं किया है।

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उन्होंने कहा कि इस जगह की जीवंतता और ऊर्जा को शब्दों में समझाना मुश्किल है। गोर ने कहा कि सभी लोगों को यहां आकर इस अद्भुत माहौल को देखना चाहिए।

गणेशोत्सव में उमड़ी श्रद्धा

गणेश चतुर्थी महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। 14 सितंबर को गणपति प्रतिमाओं की स्थापना के साथ 10 दिवसीय गणेशोत्सव शुरू हुआ। इसका समापन अनंत चतुर्दशी के दिन होगा। इस वर्ष गणपति विसर्जन 25 सितंबर को किया जाएगा।

मुंबई गणेश चतुर्थी समारोहों का प्रमुख केंद्र है। लालबागचा राजा के दर्शन के लिए हर साल हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं और “गणपति बप्पा मोरया” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठता है।

लालबागचा राजा मुंबई की आस्था, कला और सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख प्रतीक माना जाता है। यह प्रतिमा लालबागचा राजा सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल से जुड़ी है, जिसकी स्थापना 1934 में पुतलाबाई चॉल में हुई थी। कांबली परिवार आठ दशकों से अधिक समय से प्रतिमा के निर्माण और देखरेख की परंपरा निभा रहा है।

गणेश चतुर्थी को विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है। यह भगवान गणेश को नई शुरुआत, विघ्नों के नाश, बुद्धि और ज्ञान के देवता के रूप में समर्पित पर्व है।

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