×
 

अमेरिका-ईरान युद्धविराम वार्ता: ईरान का दावा—बातचीत से पहले उसकी शर्तें मानी गईं

अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले ईरान ने दावा किया कि उसकी शर्तें मान ली गई हैं। इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच युद्धविराम समझौते को लेकर अहम बातचीत होने वाली है।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव को खत्म करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज अहम वार्ता होने जा रही है। इस बीच ईरान ने दावा किया है कि बातचीत से पहले उसकी कुछ प्रमुख शर्तों को अमेरिका ने स्वीकार कर लिया है, जिससे समझौते की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

ईरानी प्रतिनिधिमंडल आज इस्लामाबाद पहुंचा। इस दल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर क़ालिबाफ कर रहे हैं, जबकि उनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी मौजूद हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं, जिनके भी जल्द पहुंचने की उम्मीद है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने बुधवार को दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा करते हुए कहा था कि दोनों देश इस्लामाबाद में बातचीत करेंगे। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार, नेशनल असेंबली स्पीकर अयाज सादिक, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने किया।

और पढ़ें: अमेरिका-ईरान युद्ध में 45 दिन के युद्धविराम की कोशिश, होर्मुज जलडमरूमध्य बना मुख्य मुद्दा

इशाक डार ने आशा जताई कि यह वार्ता सकारात्मक और रचनात्मक होगी तथा पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का स्थायी समाधान निकालने में मदद करेगी।

हालांकि, इस वार्ता को लेकर पहले कुछ अटकलें लगाई जा रही थीं कि लेबनान में इज़राइल के हमलों के कारण ईरान बातचीत में शामिल होगा या नहीं। ईरानी की रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान ने स्पष्ट किया था कि जब तक उसकी पूर्व शर्तें पूरी नहीं होंगी, तब तक वार्ता शुरू नहीं होगी।

ईरान ने कहा कि बातचीत तभी शुरू होगी जब सभी शर्तें मान ली जाएंगी। ऐसे में अब ईरान का यह दावा कि उसकी शर्तें स्वीकार कर ली गई हैं, वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

और पढ़ें: ईरान को ट्रंप प्रशासन का 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव, कड़ी शर्तें शामिल

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share