वॉशिंगटन में तनाव से समझौते तक: अमेरिका-ईरान युद्धविराम से पहले की पूरी टाइमलाइन
अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह का युद्धविराम वॉशिंगटन में तीव्र कूटनीति के बाद संभव हुआ, हालांकि हमलों की खबरों से इसकी स्थिरता पर सवाल बने हुए हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते ने मध्य पूर्व, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में बढ़ते तनाव को अस्थायी रूप से थाम दिया है। हालांकि इस समझौते से पहले वॉशिंगटन में कूटनीतिक गतिविधियों का एक बेहद तनावपूर्ण दिन देखने को मिला।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुबह 8:06 बजे (वॉशिंगटन समय) चेतावनी दी थी कि यदि 12 घंटे में समझौता नहीं हुआ तो “पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है।” इसके बाद रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सैन्य विकल्पों पर चर्चा शुरू की। दिनभर कई वैश्विक नेताओं, जिनमें पोप लियो भी शामिल थे, ने ट्रंप से सैन्य कार्रवाई टालने की अपील की।
दोपहर 3 बजे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका से अस्थायी युद्धविराम स्वीकार करने और ईरान से होर्मुज मार्ग खुला रखने का आग्रह किया।
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शाम 6:32 बजे ट्रंप ने घोषणा की कि यदि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने पर सहमत होता है, तो अमेरिका दो सप्ताह के लिए हमले रोक देगा। रात 9 बजे ईरान ने भी बयान जारी कर कहा कि इस्लामाबाद में वार्ता शुरू होगी और युद्धविराम दो सप्ताह तक लागू रहेगा।
हालांकि युद्धविराम के तुरंत बाद संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत ने मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों की सूचना दी, जिससे स्थिति की नाजुकता सामने आई। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसे “कमजोर युद्धविराम” बताया।
ओमान, फिनलैंड और यूरोपीय संघ जैसे देशों ने आगे की वार्ता में मदद की पेशकश की है। यह युद्धविराम एक अवसर है, जिससे स्थायी शांति की दिशा में कदम बढ़ाए जा सकते हैं, लेकिन स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।
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