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होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन जहाजों पर हमले के बाद अमेरिका का ईरान पर बड़ा सैन्य हमला, क्या शांति समझौता पटरी से उतरेगा?

होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन जहाजों पर हमले के बाद अमेरिका ने ईरान पर बड़े सैन्य हमले किए। बढ़ते तनाव से युद्धविराम और संभावित शांति समझौते पर संकट गहरा गया।

होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमले के बाद अमेरिका ने बुधवार (8-07-2026) तड़के ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह हमला ईरान द्वारा अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के जवाब में किया गया है।

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि सैन्य अभियान के तहत ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों, तटीय निगरानी तंत्र, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, जहाज-रोधी क्रूज़ मिसाइलों और ड्रोन लॉन्च स्थलों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा ईरान की कुछ बंदरगाह सुविधाओं पर भी हमले किए गए।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने  जारी बयान में कहा कि निर्दोष नागरिकों द्वारा संचालित वाणिज्यिक जहाजों पर हमले की कीमत ईरान को चुकानी होगी। सेंटकॉम के अनुसार, यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन व्यापारिक जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में की गई है और ईरान की कार्रवाई युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन है।

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इस बीच, दक्षिणी ईरान के सीरिक, क़ेश्म और बंदर अब्बास के आसपास कई विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सीरिक बंदरगाह के वाणिज्यिक और मछली पकड़ने वाले घाट भी हमलों की चपेट में आए।

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नाटो शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तुर्की में मौजूद हैं। वहीं, अमेरिका ने ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति देने वाला लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के अनुसार, अप्रैल के बाद एक ही दिन में जहाजरानी पर यह सबसे बड़ा हमला है, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

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