गौतम अडानी मामले को खत्म करने के अमेरिकी न्याय विभाग के फैसले पर अभियोजक ने नहीं जताई आपत्ति
अमेरिकी अभियोजक जोसेफ नोसेला जूनियर ने गौतम अडानी मामले को खत्म करने के न्याय विभाग के फैसले पर आपत्ति नहीं जताई, लेकिन यह नहीं बताया कि वह फैसले से सहमत हैं या नहीं।
भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी से जुड़े कथित धोखाधड़ी और रिश्वत मामले में अमेरिका में बड़ा अपडेट सामने आया है। अमेरिका के ब्रुकलिन के शीर्ष संघीय अभियोजक ने कहा है कि उनके पास अमेरिकी न्याय विभाग (डीओजे) द्वारा इस मामले की कार्रवाई खत्म करने के फैसले को चुनौती देने का कोई आधार नहीं है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह इस फैसले से व्यक्तिगत रूप से सहमत हैं या नहीं।
अमेरिकी अटॉर्नी जोसेफ नोसेला जूनियर ने शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को मामले की निगरानी कर रहे अमेरिकी जिला न्यायाधीश निकोलस गारौफिस को एक पत्र भेजा। पत्र में उन्होंने कहा कि गौतम अडानी के खिलाफ मुकदमे को खत्म करने का निर्णय लेने वाले वह व्यक्ति नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास यह मानने का कोई कारण नहीं है कि न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ट्रेंट मैककॉट्टर द्वारा मामले को वापस लेने के लिए बताए गए कारण वास्तविक आधार नहीं थे।
यह मामला अमेरिकी न्याय विभाग की उस कार्रवाई से जुड़ा था, जिसमें गौतम अडानी और अन्य लोगों पर कथित रूप से धोखाधड़ी और रिश्वतखोरी से जुड़े आरोप लगाए गए थे। बाद में न्याय विभाग ने इस मामले में अभियोजन आगे नहीं बढ़ाने का फैसला लिया।
इससे पहले अमेरिकी जिला न्यायाधीश निकोलस गारौफिस ने अमेरिकी अटॉर्नी जोसेफ नोसेला जूनियर से स्पष्टीकरण मांगा था कि क्या वह न्याय विभाग के अधिकारी ट्रेंट मैककॉट्टर द्वारा मामले को खत्म करने के दिए गए कारणों से सहमत हैं या असहमत।
नोसेला ने अपने जवाब में कहा कि वह मामले को खत्म करने के फैसले के पीछे की प्रक्रिया के मुख्य निर्णयकर्ता नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास न्याय विभाग द्वारा दिए गए कारणों को गलत साबित करने वाली कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
गौतम अडानी समूह और इससे जुड़े लोगों पर लगे आरोपों को लेकर यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा था। अब अमेरिकी न्याय विभाग के इस फैसले के बाद मामले की कानूनी स्थिति में बड़ा बदलाव आया है।
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