होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा तनाव, 2000 मरीन सैनिकों के साथ USS ट्रिपोली मध्य पूर्व रवाना
USS ट्रिपोली 2000 मरीन सैनिकों के साथ मध्य पूर्व जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ा है और ईरान-अमेरिका टकराव की आशंका गहरा रही है।
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका की सैन्य गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। ताजा सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार, अमेरिकी नौसेना का युद्धपोत यूएसएस ट्रिपोली (USS Tripoli) 2000 से अधिक मरीन सैनिकों के साथ क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है। इससे ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की अटकलें तेज हो गई हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल के दिनों में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर कई बयान दिए हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह फिलहाल कहीं भी सेना नहीं भेज रहे हैं और अगर ऐसा करते भी हैं तो इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं करेंगे।
15 मार्च को ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में यूएसएस ट्रिपोली को दक्षिण चीन सागर से गुजरते हुए देखा गया, जिसके साथ दो अन्य जहाज भी थे। बाद में यह सिंगापुर के पास देखा गया, जहां से यह मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहा है।
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विशेषज्ञों का मानना है कि इस युद्धपोत को अपने ऑपरेशन क्षेत्र तक पहुंचने में करीब दो सप्ताह का समय लग सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इस जहाज पर लगभग 2200 मरीन और नौसैनिक तैनात हैं, जो त्वरित सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहते हैं।
इस मिशन का एक प्रमुख उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना हो सकता है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत मार्ग है। ईरान ने इस क्षेत्र में समुद्री यातायात को सीमित कर दिया है, जिससे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है।
यूएसएस ट्रिपोली एक उभयचर हमला जहाज है, जो एफ-35 लड़ाकू विमान, एमवी-22 ऑस्प्रे और एमएच-60 हेलीकॉप्टर ले जाने में सक्षम है। इसके क्षेत्र में पहुंचने के बाद यह अन्य अमेरिकी युद्धपोतों के साथ मिलकर ऑपरेशन को और मजबूत करेगा।
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