जंतर-मंतर पर इस्तीफे का ऐलान करने वाले पूर्व कांस्टेबल शेर सिंह पहले से निलंबित थे: उत्तराखंड पुलिस
उत्तराखंड पुलिस ने कहा कि जंतर-मंतर पर इस्तीफे की घोषणा करने वाले कांस्टेबल शेर सिंह पहले से निलंबित थे। पुलिस ने उनके पुराने मामलों और कार्रवाई की जानकारी दी।
उत्तराखंड पुलिस ने शुक्रवार को दावा किया कि जंतर-मंतर पर सेवा से इस्तीफा देने की घोषणा करने वाले पूर्व कांस्टेबल शेर सिंह पहले से ही निलंबित थे। पुलिस के अनुसार, शेर सिंह को विभागीय कार्रवाई के तहत पहले ही निलंबित किया जा चुका था।
जानकारी के मुताबिक, निलंबित उत्तराखंड पुलिस कांस्टेबल शेर सिंह ने शुक्रवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचकर पुलिस सेवा से इस्तीफा देने का ऐलान किया था। उनके इस कदम के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई थी।
हालांकि, उत्तराखंड पुलिस ने स्पष्ट किया कि शेर सिंह वर्तमान में सक्रिय सेवा में नहीं थे, बल्कि पहले से निलंबित चल रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उनके खिलाफ पहले भी एक मामले में कार्रवाई की जा चुकी है।
पुलिस के अनुसार, शेर सिंह पर कथित रूप से जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़े एक मामले में कार्रवाई हुई थी और इस मामले में उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। अधिकारियों ने कहा कि उनके सेवा रिकॉर्ड और संबंधित मामलों की जांच के बाद ही निलंबन की कार्रवाई की गई थी।
उत्तराखंड पुलिस ने यह भी कहा कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाती है। विभाग ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी मामले में अधूरी या भ्रामक जानकारी के आधार पर निष्कर्ष न निकालें।
शेर सिंह द्वारा जंतर-मंतर पर इस्तीफे की घोषणा उस समय की गई, जब वहां विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन चल रहे हैं। उनके बयान के बाद मामले ने राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का रूप ले लिया।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शेर सिंह का इस्तीफा देने का दावा वास्तविक सेवा स्थिति से अलग है, क्योंकि वह पहले ही निलंबित किए जा चुके थे। विभाग ने मामले में तथ्यों के आधार पर जानकारी साझा की है।
फिलहाल, पुलिस की ओर से शेर सिंह के निलंबन और पुराने मामलों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की गई है। आगे की कार्रवाई संबंधित नियमों के अनुसार की जाएगी।