एसआईआर के बाद उत्तराखंड में 8 लाख से ज्यादा मतदाता घटे, जानिए अब कितने वोटर बचे
उत्तराखंड की एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची में 71.58 लाख वोटर हैं। पुनरीक्षण के दौरान 8.01 लाख की कमी हुई, जबकि पात्र मतदाताओं को नाम जुड़वाने का अवसर मिलेगा।
उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। 3 अक्टूबर को जारी सूची में करीब 71.58 लाख मतदाता दर्ज हैं, जो एसआईआर शुरू होने के समय की संख्या से 8.01 लाख कम हैं। हालांकि, कांग्रेस का दावा है कि जनवरी 2025 में राज्य में 85.19 लाख मतदाता थे, इसलिए अब संख्या करीब 14 लाख घट गई है।
उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, 8 जून को एसआईआर शुरू होने के समय राज्य में 79.6 लाख मतदाता थे। गणना प्रपत्रों के वितरण और संकलन के बाद 14 जुलाई को जारी प्रारूप मतदाता सूची में करीब 71.33 लाख मतदाता थे। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां मांगी गईं। इनका निपटारा 13 अगस्त से 28 सितंबर के बीच किया गया और 3 अक्टूबर को अंतिम सूची जारी हुई।
अंतिम सूची में 37,37,701 पुरुष, 34,21,036 महिला और 212 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं। इसमें 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 72,656 मतदाता तथा 80 वर्ष से अधिक उम्र के 1,22,892 मतदाता हैं। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान 1,29,872 पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े गए, जबकि 1,04,708 नाम हटाए गए।
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कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक मनोज रावत ने कहा कि पुनरीक्षण से पहले मतदाताओं की संख्या 85.19 लाख थी, जो अब घटकर 71.58 लाख रह गई है।
एसआईआर के लिए 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि माना गया है। अंतिम सूची में नाम छूट जाने वाले पात्र लोग अब भी अपना नाम जुड़वा सकते हैं। इसके लिए ईसीआई-नेट ऐप पर फॉर्म-6 भरकर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है या बूथ लेवल अधिकारी के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन किया जा सकता है।
निर्वाचन कार्यालय विशेष शिविर लगाएगा। बीएलओ पुराने और नए मतदाता रिकॉर्ड की तुलना कर छूटे नामों वाले लोगों से संपर्क करेंगे और पात्र पाए जाने पर नाम जोड़ने में मदद करेंगे।
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