अमरकोट रैली में, वालटोहा ने मजीठिया की अपील ठुकराई : खेमकरन सीट से चुनाव लड़ूंगा
पूर्व विधायक वीरसा सिंह वालटोहा ने मजीठिया की अपील ठुकराते हुए खेमकरन सीट से 2027 विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया।
पूर्व विधायक वीरसा सिंह वालटोहा ने बुधवार को अमरकोट अनाज मंडी में अकाली दल की दूसरी रैली में कहा कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव में खेमकरन सीट से चुनाव लड़ेंगे।
वालटोहा ने यह बयान शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के साथ रैली में दिया। उनका यह बयान मजीठिया के उस सुझाव का जवाब था, जिसमें मजीठिया ने वालटोहा से अपील की थी कि वह अपने बेटे गौरव को खेमकरन से उम्मीदवार बनाएं।
वालटोहा ने मजीठिया की अपील को ठुकराते हुए कहा, “कोई भी पिता अपने बेटे को उभरते हुए देखना नहीं चाहता, लेकिन मेरा इरादा खुद चुनाव लड़ने का है।”
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उनके इस निर्णय ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया कि वह अपनी राजनीतिक यात्रा को जारी रखने और अपनी खुद की पहचान बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। 2027 के विधानसभा चुनावों में खेमकरन सीट से अपनी दावेदारी पेश करने का उनका ऐलान, अकाली दल के भीतर की राजनीति में नए घटनाक्रम को दर्शाता है।
वालटोहा का यह बयान पंजाब की राजनीति में महत्वपूर्ण है, खासकर जब अकाली दल के भीतर विभिन्न नेताओं के बीच दावेदारी की होड़ देखने को मिल रही है। उनके इस फैसले ने मजीठिया की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।