पश्चिम बंगाल में सभी मदरसों में वंदे मातरम् अनिवार्य, शिक्षा विभाग का नया आदेश
पश्चिम बंगाल सरकार ने सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य किया। शिक्षा विभाग के आदेश के बाद नया नियम तुरंत लागू हुआ, जिससे शैक्षणिक व्यवस्था में बदलाव देखा जा रहा है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सभी मान्यता प्राप्त मदरसों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को अनिवार्य कर दिया है। इससे पहले यह नियम सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू किया गया था। अब इस नए आदेश के तहत इसे सभी मदरसों में भी लागू किया जाएगा।
मदरस शिक्षा निदेशालय ने एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि पूर्व में लागू सभी नियम और व्यवस्थाएँ तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। नया आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होगा। यह निर्देश सरकारी मॉडल मदरसों (अंग्रेजी माध्यम), मान्यता प्राप्त सहायता प्राप्त मदरसों, अनुमोदित मदरसा शिक्षा केंद्रों, बाल शिक्षा केंद्रों और अल्पसंख्यक मामलों एवं मदरसा शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त मदरसों पर लागू होगा।
राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा मंत्री खुदीराम तुडू ने इस निर्णय की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि जब ‘वंदे मातरम्’ पहले से ही अन्य सरकारी स्कूलों में, यहां तक कि संताली भाषा वाले स्कूलों में भी अनिवार्य है, तो इसे मदरसों में लागू न करने का कोई कारण नहीं है।
इससे पहले 13 मई को पश्चिम बंगाल शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ को अनिवार्य करने का आदेश जारी किया था। मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी ने 14 मई को इसे अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किया था।
फरवरी 2026 में केंद्र सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा दिया था। इससे पहले राज्य की पूर्व टीएमसी सरकार ने रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखित गीत ‘बांग्लार माटी बांग्लार जोल’ को राज्य गीत घोषित किया था। अब इस नए आदेश के बाद राज्य में राष्ट्रगीत और राज्य गीत के क्रम और समय को लेकर शिक्षकों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
और पढ़ें: पश्चिम बंगाल में राज्य नौकरी भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ाई गई: देखें संशोधित नियम