गंगा का जलस्तर बढ़ने से वाराणसी में नाव संचालन तत्काल प्रभाव से बंद
गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण वाराणसी प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर नाव संचालन तत्काल प्रभाव से रोक दिया। स्थिति सामान्य होने पर संचालन बहाल किया जाएगा।
गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन ने वाराणसी में नावों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध अगले आदेश तक जारी रहेगा। प्रशासन ने यह फैसला श्रद्धालुओं, पर्यटकों और नाविकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है।
एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजन त्रिपाठी ने बताया कि जल पुलिस के अनुसार शनिवार सुबह गंगा का जलस्तर 64.70 मीटर दर्ज किया गया। नदी का पानी करीब 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है।
प्रशासन और जल पुलिस गंगा के जलस्तर तथा नदी की स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, परिस्थितियां सामान्य होने के बाद नाव संचालन दोबारा शुरू करने के संबंध में अलग से आदेश जारी किया जाएगा।
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जल पुलिस ने सभी नाविकों और संबंधित लोगों से सुरक्षा दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की है। घाटों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को गहरे पानी में जाने से बचने की सलाह दी गई है।
ओडिशा में भारी बारिश का रेड अलर्ट
इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार को ओडिशा के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने के बाद मौसम विभाग ने यह चेतावनी जारी की।
आईएमडी ने 16 से 18 अगस्त के बीच पश्चिम बंगाल, उससे सटे बांग्लादेश, ओडिशा और उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के समुद्री क्षेत्रों में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। इस दौरान 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
ओडिशा के कई जिले पहले से बाढ़ की स्थिति से जूझ रहे हैं। करीब एक लाख लोगों को प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर राहत केंद्रों में पहुंचाया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को अलर्ट पर रखा है। शहरी प्रशासन को भी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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