×
 

राम मंदिर दान चोरी मामले के बाद आज अयोध्या में वीएचपी-आरएसएस और संतों की पहली अहम बैठक, कई मुद्दों पर होगी चर्चा

राम मंदिर दान चोरी मामले के बाद अयोध्या में संत, वीएचपी और आरएसएस की अहम बैठक होगी। श्रद्धालुओं का विश्वास बहाल करने, दोषियों पर कार्रवाई और धार्मिक व्यवस्था पर चर्चा होगी।

अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में कथित दान चोरी प्रकरण सामने आने के बाद गुरुवार को पहली बार विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी), राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और अयोध्या के प्रमुख संतों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी। यह बैठक दोपहर 3 बजे मणिराम दास छावनी में होगी, जिसमें मंदिर से जुड़े धार्मिक, प्रशासनिक और श्रद्धालुओं के विश्वास बहाल करने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

बैठक में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पुनर्गठित धार्मिक समिति के सदस्य भी शामिल होंगे। इनमें निर्मोही अखाड़ा के संत दीनेंद्र दास, मणिराम छावनी के स्वामी कमलनयन दास, रामवल्लभ कुंज के महंत राजकुमार दास, राम कथा कुंज के स्वामी रामानंद दास तथा स्वामी मिथिलेशनंदिनी शरण प्रमुख हैं। इसके अलावा अयोध्या के विभिन्न मंदिरों और मठों के संतों को भी आमंत्रित किया गया है। बैठक में 150 से अधिक संतों के शामिल होने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, बैठक में इस बात पर भी विचार किया जाएगा कि राम मंदिर में पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों की जिम्मेदारी केवल रामानंदी संप्रदाय के संतों के पास रहे। साथ ही दान चोरी मामले में दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं का मंदिर प्रबंधन पर विश्वास दोबारा मजबूत हो सके।

और पढ़ें: राम मंदिर दान चोरी मामले में एसआईटी ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की स्टेटस रिपोर्ट, 20 जुलाई को सुनवाई होगी

बैठक में चंपत राय की भूमिका पर भी चर्चा होने की संभावना है। हालांकि उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन अयोध्या के कई संत अब भी उनके समर्थन में बताए जा रहे हैं। हाल ही में ट्रस्ट की धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता गोविंद देव गिरि को सौंपी गई है।

दान चोरी मामले में अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला और करुणेश पांडेय शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। माना जा रहा है कि यह बैठक मंदिर प्रबंधन की विश्वसनीयता बहाल करने और भविष्य की रणनीति तय करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।

और पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT रिपोर्ट तैयार, ट्रस्ट की छवि बचाने के लिए मामला दबाने का दावा

 
 
 
Gallery Gallery Videos Videos Share on WhatsApp Share