विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने IIT मद्रास के अंतरराष्ट्रीय स्नातकों से नवाचार में नेतृत्व की अपील की
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने आईआईटी मद्रास के अंतरराष्ट्रीय स्नातकों को ग्लोबल साउथ के विकास हेतु नवाचार और तकनीकी नेतृत्व अपनाने की अपील की और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) के अंतरराष्ट्रीय स्नातकों को वैश्विक नवाचार और विकास में नेतृत्व करने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के देशों की चुनौतियों के समाधान के लिए तकनीकी और नवाचार आधारित योगदान देने पर जोर दिया।
विदेश मंत्रालय ने अपने ‘एक्स’ पोस्ट में जानकारी दी कि विदेश सचिव ने स्नातक छात्रों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छात्रों को अपने ज्ञान, कौशल और अनुभव का उपयोग वैश्विक स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने के लिए करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान विक्रम मिसरी ने कहा कि आज की दुनिया तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में युवाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि आईआईटी मद्रास जैसे संस्थानों से निकले छात्र न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के विकास में अहम योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से ग्लोबल साउथ के देशों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन देशों में विकास, तकनीक और नवाचार की भारी संभावनाएं मौजूद हैं। ऐसे में युवा इंजीनियर और शोधकर्ता इन क्षेत्रों में नई तकनीक और समाधान विकसित कर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
विदेश सचिव ने छात्रों को यह भी सलाह दी कि वे केवल नौकरी तक सीमित न रहें, बल्कि उद्यमिता और रिसर्च की दिशा में भी आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि नवाचार ही भविष्य की सबसे बड़ी शक्ति है और यह वैश्विक समस्याओं के समाधान का रास्ता खोल सकता है।
आईआईटी मद्रास के अंतरराष्ट्रीय छात्रों ने इस प्रेरक संबोधन को सराहा और इसे अपने करियर के लिए मार्गदर्शक बताया। कार्यक्रम के अंत में विदेश सचिव ने सभी छात्रों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
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