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यह विचारधारा नहीं, कार्यशैली का मुद्दा है: विक्रमजीत सिंह साहनी ने AAP छोड़कर BJP में जाने पर सफाई दी

विक्रमजीत सिंह साहनी ने AAP छोड़कर BJP में शामिल होने को विचारधारा नहीं बल्कि कार्यशैली का मुद्दा बताया। कई अन्य सांसदों के साथ उन्होंने पार्टी परिवर्तन किया।

आम आदमी पार्टी (AAP) से भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने वाले राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने अपने फैसले को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव किसी विचारधारा का नहीं बल्कि कार्यशैली और कामकाज के तरीके से जुड़ा निर्णय है।

साहनी उन सांसदों में शामिल हैं जिन्होंने शुक्रवार को राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ मिलकर BJP में विलय करने का फैसला लिया था। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, खासकर AAP के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

साहनी ने कहा कि राजनीतिक जीवन में कई बार परिस्थितियाँ और काम करने के तरीके निर्णय बदलने पर मजबूर करते हैं। उनके अनुसार, उनका उद्देश्य हमेशा जनसेवा और विकास रहा है और वे उसी दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।

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उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ाव केवल विचारधारा तक सीमित नहीं होता, बल्कि उस दल की कार्यप्रणाली और नीतियों का भी प्रभाव पड़ता है। इसी आधार पर उन्होंने यह निर्णय लिया है।

इससे पहले राघव चड्ढा सहित कई अन्य AAP सांसदों ने भी BJP में शामिल होने की घोषणा की थी, जिससे पार्टी की राज्यसभा में स्थिति कमजोर हुई है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम AAP के लिए संगठनात्मक चुनौती पैदा कर सकता है, जबकि BJP को संसद के ऊपरी सदन में मजबूती मिलेगी।

फिलहाल इस राजनीतिक बदलाव पर दोनों पार्टियों की ओर से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और आने वाले दिनों में इसके और राजनीतिक असर देखने की संभावना है।

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