दुबई से भारत लाया गया बड़ा ड्रग माफिया वीरेंद्र बैसोया, अमित शाह ने नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को बताया बड़ी सफलता
6,000 करोड़ रुपये के पुणे ड्रग मामले में आरोपी वीरेंद्र बैसोया को यूएई से भारत लाया गया। अमित शाह ने इसे नशे के खिलाफ सरकार की बड़ी कार्रवाई बताया।
करीब 6,000 करोड़ रुपये के पुणे ड्रग मामले में आरोपी और बड़े ड्रग सिंडिकेट से जुड़े वीरेंद्र बैसोया को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत लाया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि दुबई में गिरफ्तारी के बाद उसे भारत प्रत्यर्पित किया गया। बैसोया को एयर इंडिया की उड़ान एआई 4310 से भारत लाया गया।
वीरेंद्र बैसोया ड्रग तस्करी के मुख्य आरोपी संदीप धुनिया का करीबी सहयोगी बताया जाता है। अधिकारियों के मुताबिक, संदीप धुनिया कथित तौर पर दुबई से पाकिस्तान जाने में सफल रहा था। भारतीय एजेंसियां काफी समय से बैसोया की तलाश कर रही थीं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने उसके खिलाफ पहले ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया था।
बैसोया का भारत लौटना देश में नशीले पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों का लगातार पीछा कर रही है और उनके पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए कड़ी कार्रवाई कर रही है।
अमित शाह ने कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति में एनसीबी ने भगोड़े ड्रग सरगना वीरेंद्र सिंह बैसोया को यूएई से वापस लाकर एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है।
उन्होंने कहा कि भारतीय एजेंसियों ने अपराधियों का पता लगाने के लिए ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर तक की रणनीति अपनाई है। इससे यह साबित हुआ है कि ड्रग तस्कर दुनिया के किसी भी हिस्से में छिप जाएं, वे भारतीय कानून की पहुंच से बच नहीं सकते।
विशाखा राठौड़ भी यूएई से भारत लाई गई थी
बैसोया का प्रत्यर्पण उस कार्रवाई के कुछ दिन बाद हुआ है, जिसमें विशाखा राठौड़ को भी यूएई से भारत लाया गया था। वह 88 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के कथित मास्टरमाइंड अविनाश राठौड़ की पत्नी है। विशाखा को 3 अगस्त को पुणे लाया गया था।
सीबीआई के अनुसार, वह निवेशकों को निश्चित मासिक रिटर्न का भरोसा देकर विभिन्न योजनाओं में पैसा जमा कराने की कथित आपराधिक साजिश में आरोपी है। उसके खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। प्रत्यर्पण की कार्रवाई में सीबीआई ने विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और यूएई अधिकारियों के साथ समन्वय किया।
फिलहाल विशाखा महाराष्ट्र पुलिस की हिरासत में है।
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