इजरायली सैनिक के खिलाफ युद्ध अपराध की शिकायत, हिमाचल में ट्रेस होने के बाद भारत में कार्रवाई की मांग
फिलिस्तीनी संगठन HRF ने इजरायली सैनिक एतान गिलबोआ पर गाजा में युद्ध अपराध का आरोप लगाकर भारत में गिरफ्तारी की मांग की है। वह हिमाचल में ट्रेस हुआ था।
ब्रसेल्स स्थित फिलिस्तीनी मानवाधिकार संगठन हिंद रजब फाउंडेशन (HRF) ने भारत सरकार के गृह मंत्रालय, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन और पुलिस से एक इजरायली सैनिक की गिरफ्तारी की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है। यह शिकायत 2 जून 2026 को दर्ज की गई थी।
शिकायत में कहा गया है कि इजरायली सेना की 271वीं कॉम्बैट इंजीनियरिंग बटालियन का सदस्य एतान गिलबोआ भारत के हिमाचल प्रदेश में छुट्टियां मना रहा था और उसे प्रोपैलस्टीन कार्यकर्ताओं तथा HRF ने ट्रेस किया। बाद में वह भारत से फरार हो गया।
HRF के अनुसार, एतान गिलबोआ पर 2024 में गाजा में “युद्ध अपराध” करने के आरोप हैं। संगठन का दावा है कि उसने खान यूनिस और राफा में आवासीय इमारतों और नागरिक ढांचे को ध्वस्त करने की गतिविधियों में हिस्सा लिया था।
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शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसने इन कार्रवाइयों के वीडियो खुद रिकॉर्ड किए, जिन्हें बाद में उसकी मां ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। संगठन ने भारतीय एजेंसियों को जो सबूत सौंपे हैं, उनमें जियो-लोकेटेड वीडियो, सोशल मीडिया फुटेज और सैन्य कमांड संरचना से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।
प्रोपैलस्टीन कार्यकर्ताओं के अनुसार, एतान गिलबोआ को हिमाचल प्रदेश के ओल्ड मनाली और गोंदला गांव में देखा गया था। ये इलाके “ह्यूमस ट्रेल” के नाम से मशहूर हैं, जहां बड़ी संख्या में इजरायली पर्यटक आते हैं।
HRF ने भारत से आग्रह किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत कार्रवाई करे और आरोपी को हिरासत में ले। संगठन का कहना है कि ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करना जरूरी है, ताकि युद्ध अपराधों पर रोक लग सके।
फिलहाल भारतीय एजेंसियों की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की जांच की मांग तेज हो गई है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस पर निगरानी बढ़ रही है।
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